Masood Azhars family Torn Into Pieces: ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में आतंकी शिविरों को तबाह करने के महीनों बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने खुलेआम स्वीकार किया है कि बहावलपुर में भारत के हमले के दौरान उसके प्रमुख मसूद अजहर के परिवार के सदस्यों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में जैश कमांडर मसूद इलियास कश्मीरी को यह बताते हुए सुना जा सकता है कि कैसे 7 मई 2025 को भारतीय सेना के हमलों ने आतंकी मसूद अजहर के परिवार को तबाह कर दिया था।
जैश कमांडर ने क्या-क्या कहा
वीडियो में जैश कमांडर इलियास कहा रहा है- इस देश की सीमाओं की रक्षा के लिए आतंकवाद को अपनाते हुए हम दिल्ली से भिड़ गए, हम काबुल और कंधार से भिड़ गए। अपना सब कुछ कुर्बान करने के बाद 7 मई को बहावलपुर में मौलाना मसूद अजहर के परिवार को भारतीय सेना ने टुकड़े-टुकड़े कर दिया। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना का बहावलपुर एक अहम निशाना था क्योंकि यहीं पर जैश का ऑपरेशनल मुख्यालय है।
मौलाना मसूद अजहर का परिवार हुआ तबाह
मई 2025 में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ने स्वीकार किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत के लक्षित हवाई हमलों में उसके परिवार के 10 सदस्य और उसके चार सहयोगी मारे गए थे। समाचार एजेंसी पीटीआई ने अजहर के हवाले से एक बयान प्रकाशित किया था, जिसमें कहा गया था कि बहावलपुर स्थित जैश-ए-मोहम्मद मुख्यालय - जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह पर हुए हमले में मारे गए लोगों में उसकी बड़ी बहन, उसका पति, एक भतीजा, उसकी पत्नी, एक भतीजी और परिवार के पांच बच्चे शामिल थे।
मसूद ने कहा था- आज रात मेरे परिवार के दस सदस्यों को एक साथ यह खुशी नसीब हुई...पांच मासूम बच्चे हैं, मेरी बड़ी बहन, उनके पति। मेरे विद्वान भांजे और उनकी पत्नी और मेरी प्रिय भतीजी, मेरे प्यारे भाई हुजैफा और उनकी मां। दो और प्यारे साथी।
ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने 7 मई 2025 की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था, जिसके तहत सशस्त्र बलों ने 22 अप्रैल को हुए घातक पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई आतंकी ढांचों को ध्वस्त कर दिया था। भारतीय सेना ने कहा कि उसकी सैन्य कार्रवाई नपी-तुली, सोची-समझी और आम लोगों को निशाना नहीं बनाने की थी। अगले कुछ दिनों में पाकिस्तानी सेना ने भी आक्रामक हमले किए जिसके बाद भारतीय सेना ने जवाबी हमले शुरू किए और आतंकी देश को कड़ा सबक सिखाया। ये संघर्ष लगभग चार दिनों तक चला। दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद 10 मई की शाम को सैन्य कार्रवाई रोक दी गई।
