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जापान में सुनामी की छोटी लहरों का पहुंचना शुरू, ऊंची लहरें ले सकती हैं काफी समय और पहुंचाएंगी सबसे ज्यादा नुकसान

रूस में आए 8.8 तीव्रता के भीषण भूकंप से प्रशांत महासागर से लगे देशों में भीषण सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। इस बीच जापान को सुनामी से सबसे ज्यादा खतरा है और जापान में एक्सपर्ट का कहना है कि सुनामी की ऊंची लहरों को आने में काफी समय लग सकता है।

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रूस में भूकंप के बाद जापान में सुनामी की लहरें उठ रही हैं (फोटो - Istock)

Photo : iStock

रूस के सुदूर पूर्व में बुधवार तड़के 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया। इस भूकंप की वजह से उत्तरी प्रशांत में सुनामी की लहरें उठ रही हैं। सुनामी के लिए अमेरिका के अलास्का और हवाई से लेकर न्यूजीलैंड तक चेतावनी जारी की गई है। सुनामी की सबसे ज्यादा चिंता जापान और रूस व चीन के पूर्वी तट पर है।

जानकारों के अनुसार आज यानी बुधवार को रूस के कमचटका प्रायद्वीप में आए भूकंप से सुनामी की भयानक लहरें उठ सकती हैं, जो भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। जानकारों का मानना है कि जापान को भारी तबाही का सामना करना पड़ सकता है, जैसा उसने 1952 की सुनामी में हुआ था। बता दें कि 1952 में जापान के टोकाची में आए 8.1 तीव्रता के भूकंप में उस समय भीषण तबाही मची थी।

जापान के प्रमुख न्यूज पोर्टल NHK World की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरनेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ डिजास्टर साइंस के प्रोफेसर इमामुरा फुमिहिको के अनुसार बुधवार तड़के आए भूकंप की वजह से जापान में सुनामी की 3 मीटर से ज्यादा ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

प्रोफेसर फुमिहिको ने बताया कि जापान में तय समय पर सुनामी की लहरें पहुंचेंगी, लेकिन उसके बाद और भी बड़ी लहरें भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने बताया कि सुनामी की सबसे ऊंची लहरें जापान के तट पर सबसे आखिर में पहुंचेंगी और उन्हीं से सबसे ज्यादा नुकसान हो सकता है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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