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अब दुनिया की जासूसी करेंगे किम-जोंग-उन, लॉन्च करने जा रहे स्पाई सैटेलाइट

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Apr 19, 2023, 07:26 AM IST

North Korea to launch spy satellite: कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी के मुताबिक, किम जोंग उन ने कहा है कि उत्तर कोरिया को अपने सैन्य उद्देश्यों के लिए अंतरिक्ष निगरानी क्षमता में सक्षम होने की आवश्यकता है। उन्होंने मंगलवार को प्योंगयांग में नेशनल एयरोस्पेस डेवलपमेंट एडमिनिस्ट्रेशन का भी दौरा किया है।

North Korea to launch spy satellite: अपने मिसाइल परीक्षणों और अलग-अलग कारनामों से उत्तर कोरियाई तानाशाह किम-जोंग-उन दुनिया को चौंकाते रहते हैं, लेकिन इस बार वह कुछ ऐसा करने जा रहे हैं, जिसने दुनिया को एक गंभीर चिंता में डाल दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, किम जल्द ही एक जासूस उपग्रह लॉन्च कर सकते हैं। इसकी तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं।

कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) ने बुधवार को बताया कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन ने एक जासूसी उपग्रह लॉन्च करने का आह्वान किया है। केसीएनए के मुताबिक, किम ने मंगलवार को नेशनल एयरोस्पेस डेवलपमेंट एडमिनिस्ट्रेशन का दौरा किया और इस योजना को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। न्यूज एजेंसी की ओर से उनके इस दौरे की तस्वीरें भी जारी की गई हैं।

किम के साथ नजर आई उनकी बेटी

बीते कुछ दिनों से किम-जोंग-उन ऐसे कुछ महत्वपूर्ण दौरों पर अपनी बेटी किम-जू-एई के साथ दिखाई दिए हैं। KCNA की ओर से जारी की गई तस्वीरों में भी किम की बेटी उनके साथ दिखाई दी। दोनों ने अधिकारियों के साथ प्योंगयांग में अंतरिक्ष एजेंसी का दौरा किया।केसीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक, तानाशाह किम जोंग उन ने कहा कि उत्तर कोरिया को सैन्य उद्देश्यों के लिए अंतरिक्ष जासूसी क्षमता में सक्षम होने की जरूरत है।

आधुनिक तकनीक से लैस से यह सैटेलाइट

एक रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर कोरिया की जासूस सैटेलाइट आधुनिक तकनीक से लैस है। इस सैटेलाइट में कैमरा ऑपरेटिंग तकनीक, संचार उपकरणों की डेटा प्रोसेसिंग, ट्रांसमिशन क्षमता, ग्राउंड कंट्रोल सिस्टम की ट्रैकिंग जैसी क्षमताएं हैं। कहा जा रहा है कि इस मिसाइल परीक्षण के जरिए उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को गति देना चाह रहा है। यह सैटेलाइट बैलिस्टिक मिसाइलों के तेज और मोबाइल लॉन्च की भी सुविधा प्रदान करेगी। बता दें, यह सैटेलाइट दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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