दिल्ली के स्वरूप नगर इलाके में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित गैंगरेप और हत्या का मामले पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा,"दिल्ली में एक 17 वर्षीय लड़की के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं और उसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। कुछ ही दिन पहले एक और नाबालिग लड़की का बलात्कार हुआ था। देश में कोई भी महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। महिलाओं के विकास के नाम पर सिर्फ खोखले वादे किए जाते हैं।
उन्होंने आगे लिखा,"सैकड़ों महिलाएं अत्याचार और हिंसा का शिकार होती हैं, लेकिन उन्हें अपराधियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की कोई उम्मीद नहीं रहती, एफआईआर तक दर्ज नहीं की जाती। समाज और सरकार दोनों ही महिलाओं को सुरक्षा, स्वतंत्रता और समानता के अधिकार दिलाने में पूरी तरह विफल रहे हैं।"
पुलिस के मुताबिक, लड़की का शव 13 सितंबर को कुशक रोड के पास एक खेत में मिला था। जांच में सामने आया कि वारदात के बाद शव को वहां फेंका गया था। मामले में चार आरोपियों को पकड़ा गया है, जिनमें तीन नाबालिग हैं।
नेशनल कमीशन फॉर विमेन ने लिया स्वत: संज्ञान
बता दें कि नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) ने आउटर नॉर्थ दिल्ली में 16 वर्षीय नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप और हत्या का स्वतः संज्ञान लिया है। NCW की चेयरपर्सन विजया रहाटकर ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर तय समय में जांच, सख्त कानूनी कार्रवाई और फोरेंसिक सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की है। कमीशन ने 7 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।
50 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले
पुलिस ने जांच के दौरान 50 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध टेंपो दिखाई दिया, जिसके जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस के अनुसार, पीड़िता आरोपियों में से एक को जानती थी और उससे मिलने गई थी। मामले में हत्या, दुष्कर्म और सबूत मिटाने से जुड़ी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
कुछ दिन पहले भी नाबालिग से यौन अपराध की रिपोर्ट
दिल्ली में हाल के दिनों में नाबालिग लड़कियों से जुड़े यौन अपराधों के अलग-अलग मामले भी सामने आए हैं। 13 सितंबर को दो नाबालिग लड़कियों से कथित यौन उत्पीड़न की अलग-अलग घटनाओं की रिपोर्ट सामने आई थी।
इन घटनाओं के बीच राजधानी में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस कार्रवाई, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और पीड़ितों को समय पर सुरक्षा एवं न्याय मिलना अहम मुद्दे हैं।
