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Chabahar Port:क्या अमेरिकी हमले में ईरान के चाबहार पोर्ट को हुआ नुकसान? रक्षा मंत्री हेगसेथ की तस्वीर से उठे सवाल

US के सैन्य हमलों के बाद ईरान के चाबहार पोर्ट पर एक सर्विलांस टावर गिर गया। सोशल मीडिया पर इस ढांचे के गिरने की तस्वीरें/वीडियो दिख रहे हैं ऐसा मीडिया रिपोर्टों के हवाले से बताया जा रहा है।

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ईरान के चाबहार पोर्ट को हुआ नुकसान?

Chabahar Port Iran Damage Video: मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ने के बीच, खबर है कि ओमान की खाड़ी में ईरान के अहम चाबहार पोर्ट (Chabahar Port Iran) पर एक सर्विलांस टावर अमेरिकी हमलों के बाद गिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक टावर जैसी संरचना को गिरते हुए और हवा में धूल और धुएं के गुबार उठते हुए देखा जा सकता है।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर शेयर करने के बाद इस फुटेज पर और ज़्यादा ध्यान गया, जिससे हालिया हमलों में हुए नुकसान के बारे में अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, इन वीडियो की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही ईरानी अधिकारियों ने टावर गिरने की खबर की आधिकारिक पुष्टि की है।

चाबहार ईरान के सबसे अहम रणनीतिक बंदरगाहों में से एक है, जो ओमान की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर स्थित है। इस बंदरगाह को भारत की मदद से विकसित किया गया है और यह अफगानिस्तान तथा मध्य एशिया के लिए व्यापार और आवागमन का एक महत्वपूर्ण ज़रिया है, जिससे पाकिस्तान से गुजरे बिना वहां तक पहुंचा जा सकता है।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य टकराव बढ़ रहा है। इस इलाके में तनाव बढ़ने के साथ ही कई अहम सैन्य और बुनियादी ढांचे वाले ठिकानों पर हमले की खबरें हैं। चाबहार में हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा अभी साफ नहीं है।

'अमेरिका ने ईरान के मिलिट्री ठिकानों पर 'नए' हमले किए हैं'

CENTCOM का कहना है कि अमेरिका ने ईरान के मिलिट्री ठिकानों पर 'नए' हमले किए हैं। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार (लोकल टाइम) को कहा कि उसने ईरान के ठिकानों पर नए सिरे से मिलिट्री हमले किए हैं। यह ईरान के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन की लगातार छठी रात थी। एक बयान में CENTCOM ने कहा, 'आज रात 9:40 बजे ET पर, U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ हमलों का अपना नया बड़ा दौर पूरा किया।'

'अमेरिकी सेना ने फाइटर जेट, एरियल ड्रोन और युद्धपोतों का इस्तेमाल किया'

बयान के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने फाइटर जेट, एरियल ड्रोन और युद्धपोतों का इस्तेमाल करते हुए 'दर्जनों ईरानी सैन्य ठिकानों' पर सटीक निशाना साधने वाले हथियारों से हमले किए। इन ठिकानों में तटीय निगरानी और एयर डिफेंस साइटें, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री क्षमताएं शामिल थीं। CENTCOM ने कहा कि यह ऑपरेशन 'कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर' चलाया गया था। इसका मकसद 'ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना और कमर्शियल जहाजों पर हालिया हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना' था।

'मिडिल ईस्ट में 50,000 से ज़्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं'

कमांड ने आगे कहा कि 'मिडिल ईस्ट में 50,000 से ज़्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और वे सतर्क, घातक और तैयार हैं'। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (स्थानीय समय) को दावा किया कि अमेरिका ईरान के मामले में 'बड़ी जीत' हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोगों को जारी सैन्य कोशिशों का 'नतीजा' 'बहुत जल्द' देखने को मिलेगा।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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