Chabahar Port Iran Damage Video: मिडिल ईस्ट में तनाव फिर से बढ़ने के बीच, खबर है कि ओमान की खाड़ी में ईरान के अहम चाबहार पोर्ट (Chabahar Port Iran) पर एक सर्विलांस टावर अमेरिकी हमलों के बाद गिर गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक टावर जैसी संरचना को गिरते हुए और हवा में धूल और धुएं के गुबार उठते हुए देखा जा सकता है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीर शेयर करने के बाद इस फुटेज पर और ज़्यादा ध्यान गया, जिससे हालिया हमलों में हुए नुकसान के बारे में अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, इन वीडियो की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही ईरानी अधिकारियों ने टावर गिरने की खबर की आधिकारिक पुष्टि की है।
चाबहार ईरान के सबसे अहम रणनीतिक बंदरगाहों में से एक है, जो ओमान की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर स्थित है। इस बंदरगाह को भारत की मदद से विकसित किया गया है और यह अफगानिस्तान तथा मध्य एशिया के लिए व्यापार और आवागमन का एक महत्वपूर्ण ज़रिया है, जिससे पाकिस्तान से गुजरे बिना वहां तक पहुंचा जा सकता है।
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यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच फिर से सैन्य टकराव बढ़ रहा है। इस इलाके में तनाव बढ़ने के साथ ही कई अहम सैन्य और बुनियादी ढांचे वाले ठिकानों पर हमले की खबरें हैं। चाबहार में हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा अभी साफ नहीं है।
'अमेरिका ने ईरान के मिलिट्री ठिकानों पर 'नए' हमले किए हैं'
CENTCOM का कहना है कि अमेरिका ने ईरान के मिलिट्री ठिकानों पर 'नए' हमले किए हैं। यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार (लोकल टाइम) को कहा कि उसने ईरान के ठिकानों पर नए सिरे से मिलिट्री हमले किए हैं। यह ईरान के खिलाफ अमेरिकी ऑपरेशन की लगातार छठी रात थी। एक बयान में CENTCOM ने कहा, 'आज रात 9:40 बजे ET पर, U.S. सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ हमलों का अपना नया बड़ा दौर पूरा किया।'
'अमेरिकी सेना ने फाइटर जेट, एरियल ड्रोन और युद्धपोतों का इस्तेमाल किया'
बयान के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने फाइटर जेट, एरियल ड्रोन और युद्धपोतों का इस्तेमाल करते हुए 'दर्जनों ईरानी सैन्य ठिकानों' पर सटीक निशाना साधने वाले हथियारों से हमले किए। इन ठिकानों में तटीय निगरानी और एयर डिफेंस साइटें, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री क्षमताएं शामिल थीं। CENTCOM ने कहा कि यह ऑपरेशन 'कमांडर-इन-चीफ के निर्देश पर' चलाया गया था। इसका मकसद 'ईरान की सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना और कमर्शियल जहाजों पर हालिया हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराना' था।
'मिडिल ईस्ट में 50,000 से ज़्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं'
कमांड ने आगे कहा कि 'मिडिल ईस्ट में 50,000 से ज़्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और वे सतर्क, घातक और तैयार हैं'। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार (स्थानीय समय) को दावा किया कि अमेरिका ईरान के मामले में 'बड़ी जीत' हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी लोगों को जारी सैन्य कोशिशों का 'नतीजा' 'बहुत जल्द' देखने को मिलेगा।
