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'चीन ने अमेरिका के 22 करोड़ मतदाताओं का रजिस्ट्रेशन डेटा चुराया', ईरान युद्ध को लेकर क्या बोले ट्रंप?

Trump White House Address: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए अपनी सरकार की उपलब्धियों पर जोर दिया। उन्होंने दवाओं की कीमतों में कमी, प्रशासन के कामकाज और अमेरिका की सैन्य ताकत का उल्लेख किया। हालांकि, ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव और ईरान के साथ जारी तनाव या हालिया हमलों पर कोई टिप्पणी नहीं की। अपने संबोधन में उन्होंने चीन पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चीन ने हमेशा उन्हें राष्ट्रपति चुनाव में हराने की कोशिश की।

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'चीन ने अमेरिका के 22 करोड़ मतदाताओं का रजिस्ट्रेशन डेटा चुराया', ईरान युद्ध को लेकर क्या बोले ट्रंप?

Trump White House Address: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज (शुक्रवार) राष्ट्र को संबोधन किया। ट्रंप ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि हमारी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। ट्रंप ने अपनी सरकार की उपलब्धियों की एक लंबी लिस्ट गिनाई, जिसमें दवाओं की कीमतों में कटौती भी शामिल थी। उन्होंने चुनावों या ईरान के साथ संघर्ष, जिसमें नए हमले भी शामिल हैं , के बारे में बोलने से परहेज किया। ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया कि हमारे पास दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना है। वहीं, ट्रंप ने चीन को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि चीन ने हमेशा मुझे राष्ट्रपति चुनाव में हराने की कोशिश की।

2020 चुनाव को प्रभावित करना चाहता था चीन: ट्रंप

वहीं, ट्रंप ने दावा किया कि नए दस्तावेजों में चीन की ओर से अमेरिकी चुनावों में कथित दखल के बड़े सबूत मिले हैं। उनके मुताबिक, 2020 के चुनावों के दौरान चीन ने करीब 22 करोड़ अमेरिकी मतदाताओं का निजी डेटा हासिल कर लिया था। इस डेटा में लोगों के नाम, पते, फोन नंबर, राजनीतिक पार्टी की पसंद और दूसरी संवेदनशील जानकारी शामिल थी।

ट्रंप ने आरोप लगाया कि चीन ने इस डेटा का गलत इस्तेमाल करने के लिए एक खास यूनिट भी बनाई थी। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों और तथाकथित 'डीप स्टेट' के कुछ लोगों ने इस मामले की गंभीरता को छिपाने की कोशिश की और इसकी जानकारी न तो राष्ट्रपति तक पहुंचने दी और न ही अमेरिकी जनता के सामने आने दी। हालांकि, ट्रंप के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

ट्रंप का दावा है कि 2018-19 के दौरान चीन की रणनीति उन्हें दोबारा राष्ट्रपति बनने से रोकने की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चीन ने उनके खिलाफ नकारात्मक खबरें प्रकाशित कराने के लिए अमेरिकी पत्रकारों को प्रभावित करने की कोशिश की।

एफबीआई और सीआईए के कामकाज पर उठाए सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि 2020 के चुनाव से जुड़ी कुछ अहम खुफिया जानकारी को एफबीआई और दूसरी एजेंसियों के कुछ अधिकारियों ने दबा दिया था। उनके मुताबिक, इन दस्तावेज़ों में आरोप है कि चीन ने जो बाइडेन के पक्ष में अवैध मतपत्र (बैलेट) तैयार कराने की कोशिश की थी।

ट्रंप ने यह भी कहा कि चीन के कथित चुनावी हस्तक्षेप से जुड़ी कई सीआईए और एनएसए रिपोर्टें जानबूझकर राष्ट्रपति की रोजाना मिलने वाली खुफिया ब्रीफिंग से हटा दी गईं। उनका आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने इस जानकारी को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए काम किया और इसके पीछे राजनीतिक मकसद था।

इसके अलावा ट्रंप ने दावा किया कि हाल ही में बड़ी संख्या में 'बर्न बैग' (ऐसे बैग जिनमें नष्ट किए जाने वाले गोपनीय दस्तावेज़ रखे जाते हैं) मिले हैं। उन्होंने कहा कि ये दस्तावेज़ पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में नष्ट किए जाने थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ट्रंप के अनुसार, यह जानबूझकर नहीं बल्कि लापरवाही या अक्षमता की वजह से हुआ।

ईरान को लेकर क्या बोले ट्रंप?

इसके अलावा, ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका, ईरान में बड़ी जीत हासिल कर रहा है, और आप उस मेहनत का फल बहुत जल्द देखेंगे। बता दें कि अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के बयान के अनुसार, यह सैन्य अभियान गुरुवार दोपहर 2 बजे (ET) शुरू हुआ, जिसका उद्देश्य ईरानी सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'फार्स' के मुताबिक, अमेरिकी हमलों ने दक्षिणी ईरानी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास को निशाना बनाया। इन हमलों के कारण शहर के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई और एक संचार टावर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।

चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा जरूरी: ट्रंप

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका फिर से मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश के सामने अभी भी निष्पक्ष और भरोसेमंद चुनाव सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती है। ट्रंप ने कहा कि किसी भी महान देश के लिए चुनावी प्रक्रिया पर जनता का भरोसा होना जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा चुनावी व्यवस्था इस कसौटी पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती।

'अमेरिकी के बॉर्डर अब सुरक्षित'

ट्रंप ने घोषणा की कि वह चुनावी इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कथित गंभीर कमजोरियों का खुलासा करने वाले महत्वपूर्ण खुफिया दस्तावेजों को तत्काल डीक्लासिफाई कर सार्वजनिक कर रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि इन दस्तावेजों में चुनावी प्रणाली से जुड़े चौंकाने वाले तथ्य हैं।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की सीमाएं अब देश के इतिहास में सबसे सुरक्षित हैं। उनके मुताबिक पिछले 14 महीनों में एक भी अवैध प्रवासी को अमेरिका में प्रवेश नहीं दिया गया। ट्रंप ने कहा कि पूरे देश में अपराध तेजी से घट रहा है और हत्या की दर 125 साल में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिकी सेना में रिकॉर्ड निवेश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे मजबूत और शक्तिशाली सैन्य ताकत है, जिसकी नींव उनके पहले कार्यकाल में रखी गई थी।

इसके अलावा, ट्रंप ने देश की अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए कि अमेरिका में इतिहास का सबसे ज्यादा निवेश हो रहा है। उनके मुताबिक रोजगार रिकॉर्ड स्तर पर है और महंगाई में छह साल की सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज की गई है।

टैक्स राहत का ऐलान

ट्रंप ने कहा कि उनके "Big Beautiful Bill" के तहत टिप्स, ओवरटाइम और सोशल सिक्योरिटी आय पर टैक्स में राहत दी गई है। साथ ही अमेरिका में बनी कार खरीदने पर लोन के ब्याज पर टैक्स कटौती और कारोबारों के लिए 100% एक्सपेंसिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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