Iran War: ईरान से बड़ी खबर आ रही है। इजराइली हमले में ईरान के अर्धसैनिक बल रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख मारे गए है। ईरानी मीडिया ने खुद इसकी पुष्टि की है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, सोमवार को एक हमले में ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की हत्या कर दी गई। IRGC ने इस हत्या का आरोप अमेरिका और इजराइल पर लगाया है।
जून 2025 में संभाली थी कुर्सी
मीडिया ने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया कि खादेमी की हत्या कहां हुई। हालांकि, सोमवार तड़के ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर कई हवाई हमले किए गए। खादेमी ने जनरल मोहम्मद काजेमी की जगह ली थी, जिन्हें इजराइल ने जून में हुए 12-दिवसीय युद्ध के दौरान मार गिराया था।
इजराइल ने ली जिम्मेदारी
इजराइल ने रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख की हत्या की जिम्मेदारी ली है। इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने यह घोषणा करते हुए कहा, ’’रिवोल्यूशनरी गार्ड नागरिकों पर गोली चला रहे हैं और हम आतंकवादियों के नेताओं को खत्म कर रहे हैं। ईरान के नेता खतरा महसूस कर रहे हैं। हम उन्हें एक-एक कर खत्म करते रहेंगे।’’ काट्ज ने यह भी कहा कि इजराइल ने ईरान के इस्पात और पेट्रोकेमिकल उद्योगों को भी ’’गंभीर नुकसान’’ पहुंचाया है। उन्होंने कहा, ’’हम ईरान के राष्ट्रीय ढांचे को कुचलते रहेंगे और इस आतंकवादी शासन के क्षरण और पतन का कारण बनेंगे, साथ ही उसकी आतंक फैलाने और इजराइल पर हमले करने की क्षमता को खत्म करेंगे।’’ अगर केजरीवाल खुद दलील रखना चाहते हैं तो वो अपने वकीलों को डिस्चार्ज कर दें- सुप्रीम कोर्ट में शराब केस में तीखी बहस
संघर्ष विराम पर भी बातचीत
ईरान और अमेरिका को एक मसौदा प्रस्ताव मिला है, जिसमें 45 दिन के युद्धविराम और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है ताकि युद्ध समाप्त करने का रास्ता निकाला जा सके। पश्चिम एशिया के दो अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रस्ताव मिस्र, पाकिस्तान और तुर्किये के मध्यस्थों द्वारा तैयार किया गया है, जो संघर्ष को रोकने के प्रयास में जुटे हैं। उनका मानना है कि 45 दिन की यह अवधि दोनों देशों के बीच व्यापक वार्ता के लिए पर्याप्त समय देगी, जिससे स्थायी युद्धविराम पर सहमति बन सके। अधिकारियों ने बताया कि यह प्रस्ताव रविवार देर रात ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और पश्चिम एशिया में अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ को भेजा गया, लेकिन अब तक दोनों देशों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
