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जंग से पहले जैसा होर्मुज नहीं रहेगा- ट्रंप के अल्टीमेटम के बाद ईरानी नौसेना का ऐलान, दे डाली सीधी धमकी

अमेरिका के अल्टीमेटम के बाद ईरानी नौसेना ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) अब पहले की तरह नहीं खुला रहेगा, खासकर ईरान के दुश्मन देश, अमेरिका और इजराइल के लिए।

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होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की बड़ी तैयारी (फाइल फोटो- AP)

एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) खोलने के लिए डेडलाइन पर डेडलाइन दे रहे हैं, दूसरी और ईरान किसी भी कीमत पर इसे खोलने के तैयार नहीं दिख रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि जंग खत्म होने के बाद भी होर्मुज समुद्री मार्ग पहले जैसा नहीं रहेगा।

अमेरिका और इजराइल की नो एंट्री

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) की नौसेना ने बड़ा बयान दिया है। ईरान का कहना है कि Strait of Hormuz में हालात अब स्थायी रूप से बदल चुके हैं और यह मार्ग खासकर अमेरिका और इजराइल जैसे विरोधी देशों के लिए पहले जैसा नहीं रहेगा। ईरान के सरकारी मीडिया Press TV के अनुसार, IRGC नौसेना ने कहा है कि क्षेत्र में हाल की सैन्य और राजनीतिक घटनाओं ने एक नई वास्तविकता पैदा कर दी है, जिसमें बाहरी ताकतें अब फारस की खाड़ी में अपनी शर्तें नहीं थोप सकेंगी।

‘नई सुरक्षा व्यवस्था’ की तैयारी में ईरान

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान फारस की खाड़ी में एक नई क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था बनाने की तैयारी कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य यह है कि क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता की जिम्मेदारी केवल आसपास के देशों (लिटोरल स्टेट्स) के हाथ में रहे, न कि बाहरी शक्तियों के। इसी दिशा में ईरान ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें नौसेना की तैनाती बढ़ाना, आधुनिक निगरानी सिस्टम लगाना और त्वरित प्रतिक्रिया देने वाली संयुक्त सैन्य क्षमताओं को विकसित करना शामिल है। ईरान का दावा है कि इन उपायों का मकसद अपने समुद्री क्षेत्र की रक्षा करना और ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित बनाए रखना है।

ट्रंप की चेतावनी के बाद बढ़ा तनाव

यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखने की कोशिश जारी रखी, तो अमेरिका कड़ा सैन्य कदम उठा सकता है। ईरान ने संकेत दिया है कि यह रणनीतिक समुद्री मार्ग पूरी तरह बंद नहीं है, लेकिन अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों से जुड़े जहाजों के लिए प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। यही कारण है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है।

युद्धविराम पर भी चल रही बातचीत

इसी बीच खबर है कि अमेरिका, ईरान और कुछ क्षेत्रीय मध्यस्थ देशों के बीच संभावित 45 दिन के युद्धविराम को लेकर बातचीत चल रही है। यदि यह समझौता सफल होता है, तो इससे मौजूदा संघर्ष को स्थायी रूप से खत्म करने का रास्ता खुल सकता है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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