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Kal Ka Mausam : अगले 2 दिन बादल बरसेंगे मूसलाधार, 22 राज्यों में आंधी-तूफान, वज्रपात का अलर्ट

कल का मौसम कैसा रहेगा (26 अगस्त 2026) : मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटे तक देश के विभिन्न राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी रखा है। खासकर, उत्तर भारत में तेज बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बना रहेगा। उधर, पहाड़ों के साथ दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

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कल का मौसम

कल का मौसम कैसा रहेगा : उत्तर भारत में उमस के बीच बादलों से राहत की बूंदे बरस रही हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई जिलों में मेघ गर्जन और आकाशीय बिजली गिरने के साथ मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी रखा है। गंगा समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बना हुआ है। वहीं, पहाड़ों पर मौसमी तंत्र एक्टिव रहने से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई से लेकर मैदानी भागों तक वर्षा का क्रम जारी रहेगा। इस दौरान लैंडस्लाइड की चेतावनी है। स्काईमेट ने दक्षिण भारतीय राज्यों और पूर्वोत्तर के हिस्सों पर भारी मूसलाधार वर्षा का अलर्ट घोषित किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में कल का मौसम

दिल्ली के कई हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश जारी है। कई इलाकों में जलभराव हो गया और यातायात प्रभावित हुआ। आईएमडी ने अगले कई दिनों तक रुक-रुक कर पानी बरसने के संकेत दिए हैं। बारिश के कारण शहर के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई और आईएमडी के सभी पांच मौसम केंद्रों में तापमान सामान्य से नीचे रहा। फिलहाल न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है। फिलहाल, बारिश के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 100 के आसपास है, जो संतोषजनक श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के अनुसार, शून्य से 50 एक्यूआई को अच्छा, 51 से 100 को संतोषजनक, 101 से 200 को मध्यम, 201 से 300 को खराब, 301 से 400 को बहुत खराब और 401 से 500 को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।

राजस्थान में कैसा रहेगा मौसम

राजस्थान के कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो रही है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम अधिकांशतः शुष्क बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान टोंक, दौसा, अलवर, किशनगढ़, सवाई माधोपुर, बूंदी, झालावाड़ में तेज बारिश का पूर्वानुमान जारी है। फिलहाल, अलवर, जयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, दौसा और टोंक के कुछ इलाकों में रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। जयपुर में लगातार दूसरे दिन बारिश होने से तापमान में गिरावट आई। वहीं, अलवर में तेज बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। सड़कों पर पानी भर गया और कई अंडरपास भी जलमग्न हो गए। मौसम विभाग ने बताया कि पूर्वी राजस्थान के कई अन्य क्षेत्रों में भी सोमवार को बारिश हुई, जबकि पश्चिमी राजस्थान के ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क बना रहा।

केरलम में भारी बारिश का अलर्ट

केरलम के उत्तरी कन्नूर जिले के कुछ हिस्सों में मंगलवार को भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ, राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो गई और कुछ इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। जिला प्रशासन के अनुसार, सुबह इलायवूर में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण स्थल पर सुरक्षा दीवार ढहने के बाद भूस्खलन हुआ। भारी बारिश के कारण प्रशासन ने और भूस्खलन की आशंका जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी ने आगंतुकों और गैर जरूरी वाहनों को प्रभावित क्षेत्र की ओर नहीं जाने की सलाह दी है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने मंगलवार को केरलम के 11 जिलों में भारी बारिश के अनुमान के मद्देनजर ’येलो अलर्ट’ जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अगस्त को पठानमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में ’येलो अलर्ट’ लागू है। पठानमथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों में 26 अगस्त के लिए ’येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। आईएमडी के अनुसार, 24 घंटे में 64.5 मिलीमीटर से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश को ’’भारी बारिश’’ माना जाता है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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