Mojtaba Khamenei : ईरान पर 28 फरवरी को हुए अमेरिका और ईरान के हमले के बाद सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई कहीं सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए। अब करीब छह महीने के बाद ईरान ने कथित रूप से उनका एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में एक कमरे में कुछ लोगों के साथ बैठे मोजतबा थीसिस पर छात्र की बातों को सुनते और उसके शोध पर अपने सुझाव रखते नजर आए हैं। हालांकि, यह वीडियो कब का है, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
28 फरवरी के हमले में मारे गए अली खामनेई
मोजतबा का यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब उनकी सेहत को लेकर कई तरह की अटकलें लगी हैं। कई रिपोर्टों में दावा किया गया कि 28 फरवरी को हुए हमले में वह गंभीर रूप से घायल हुए। अमेरिका-इजराइल के इसी संयुक्त हमले में मोजतबा के पिता एवं तत्कालीन सुप्रीम लीटर अली खामनेई की मौत हुई। खामनेई की मौत के बाद मोजतबा को देश का सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया।
शोध-प्रबंध को 20 में से 19.5 अंक देते हैं
ईरान की समाचार एजेंसी फार्स द्वारा साझा किए गए इस पहले कभी सामने न आए वीडियो में मोजतबा खामेनेई की आवाज भी सुनाई देती है। वीडियो में वह छात्रों को ईरानी शासन के 'इस्लामिक सिक्योरिटी मॉडल' के बारे में समझाते नजर आते हैं। वीडियो में मोजतबा अपने एक छात्र द्वारा प्रस्तुत शोध-प्रबंध को 20 में से 19.5 अंक देते हैं और उसे 'निर्दोष' बताते हैं। यह बिना तारीख वाला वीडियो ईरान के राजनीतिक और सैन्य प्रतिष्ठान में उनकी पर्दे के पीछे की भूमिका और नेतृत्व को लेकर वैश्विक चर्चा के बीच ईरानी नेता की एक दुर्लभ झलक पेश करता है।
चेहरे और पैरों पर लगी गंभीर चोटों से उबर रहे-रिपोर्ट
युद्ध शुरू होने के बाद से मोजतबा सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। कई अमेरिकी अधिकारियों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वह अभी भी 28 फरवरी के हमलों में चेहरे और पैरों पर लगी गंभीर चोटों से उबर रहे हैं। अप्रैल में रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि तेहरान के मध्य हिस्से में स्थित सर्वोच्च नेता के परिसर पर हुए हमले में मोजतबा के एक या दोनों पैरों में गंभीर चोट लगी थी। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया था कि मोजतबा अपनी चोटों से उबर रहे थे और उनकी मानसिक स्थिति पूरी तरह ठीक थी। रॉयटर्स के अनुसार, वह ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकों में हिस्सा ले रहे थे और युद्ध तथा वॉशिंगटन के साथ बातचीत सहित प्रमुख मुद्दों पर निर्णय लेने में सक्रिय थे।
