व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो (Peter Navarro) ने सोमवार को चीन में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई मुलाक़ात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए भारत पर फिर हमला बोला है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत को रूस की नहीं, बल्कि अमेरिका, यूरोप और यूक्रेन की जरूरत है। उन्होंने नई दिल्ली से मास्को से सस्ते दामों पर कच्चा तेल खरीदना बंद करने का आग्रह किया।
पीटर नवारो ने कहा, 'यह देखकर शर्म आती है कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता मोदी दुनिया के दो सबसे बड़े तानाशाहों पुतिन और शी जिनपिंग के साथ घुल-मिल गए हैं। इसका कोई मतलब नहीं है। मुझे समझ नहीं आ रहा कि वह क्या सोच रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह यह समझेंगे कि उन्हें रूस के साथ नहीं, बल्कि हमारे साथ, यूरोप और यूक्रेन के साथ रहना चाहिए।'
'तो, आप जानते हैं, देखिए मोदी एक महान नेता हैं... लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि वो पुतिन और शी जिनपिंग के साथ क्यों घुल-मिल रहे हैं... जबकि वो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता हैं। मैं भारतीय लोगों से बस इतना ही कहना चाहूँगा कि कृपया समझें कि यहां क्या हो रहा है।' नवारो की यह टिप्पणी वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच बढ़ते तनाव के बीच आई है, क्योंकि भारतीय वस्तुओं पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है, जिसमें रूसी तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत जुर्माना भी शामिल है।
प्रधानमंत्री मोदी ने SCO में अपने संबोधन में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सदस्यों के बीच संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'भारत का हमेशा से मानना रहा है कि मजबूत संपर्क न केवल व्यापार को बढ़ावा देता है, बल्कि विकास और विश्वास के द्वार भी खोलता है।'
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि एससीओ के भीतर संवाद से एक नई यूरेशियन सुरक्षा प्रणाली (New Eurasian Security system) की नींव रखने में मदद मिलेगी, जो पुराने यूरोसेंट्रिक और यूरो-अटलांटिक मॉडलों (Outdated Eurocentric and Euro-Atlantic Models) की जगह लेगी।
'एससीओ के भीतर सहयोग के विकास की गति प्रभावशाली है'
पुतिन ने कहा, 'एससीओ अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों के समाधान में अपना प्रभाव लगातार बढ़ा रहा है। एससीओ देशों के बीच व्यापार के आपसी समझौतों में राष्ट्रीय मुद्राओं का व्यापक रूप से उपयोग किया जा रहा है। एससीओ के भीतर सहयोग के विकास की गति प्रभावशाली है।'
निष्पक्षता और न्याय को बनाए रखने का आह्वान
इसके अतिरिक्त, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शंघाई सहयोग संगठन के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 25वीं बैठक को संबोधित करते हुए शंघाई सहयोग संगठन से निष्पक्षता और न्याय को बनाए रखने का आह्वान किया।
