अमेरिकी सेना (US Army) ने पुष्टि की है कि ईरान के साथ जारी संघर्ष में दो और अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं। इसके साथ ही इस युद्ध में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 16 हो गई है।यह संघर्ष इस बात का बड़ा उदाहरण बन चुका है कि आधुनिक युद्ध लड़ने के लिए अब ज़मीन पर सेना उतारने की जरूरत नहीं है; ड्रोन और मिसाइलें दूर बैठे ही तबाही मचा रही हैं।
कहां हुईं हालिया मौतें?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, ताजा मौतें जॉर्डन में हुईं, जहां सैनिक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों का मुकाबला कर रहे थे। एक सैनिक अभी भी लापता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्ध को जायज ठहराते हुए कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था।
मिसाइल डिफेंस के बिना मौत
28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के कुछ ही समय बाद, कुवैत में एक नागरिक बंदरगाह पर ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिक मारे गए थे। ये सैनिक आयोवा की एक सप्लाई और लॉजिस्टिक्स यूनिट का हिस्सा थे, जो एक शिपिंग कंटेनर जैसी इमारत में काम कर रहे थे, जहां कोई सुरक्षा प्रणाली मौजूद नहीं थी। सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर 1 मार्च को हुए ईरानी हमले में घायल होने के एक हफ्ते से अधिक समय बाद सातवें सैनिक की मौत हो गई थी।
इसके बाद मार्च में ही, ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियानों का समर्थन कर रहा एक KC-135 रीफ्यूलिंग (ईंधन भरने वाला) विमान इराक में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिससे छह सैनिकों की मौत हो गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, यह विमान मित्र देश के हवाई क्षेत्र में था, जब दूसरे विमान से जुड़ी एक अनिर्दिष्ट घटना घटी।
हेलीकॉप्टर दुर्घटना में नौसेना के एक पायलट की मौत
सोमवार को अमेरिकी सेना ने बताया कि अरब सागर में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में नौसेना के एक पायलट की मौत हो गई। नौसेना ने शुरुआत में 1 जुलाई की इस घटना को 'इमर्जेंसी लैंडिंग' बताया था और कहा था कि ऐसा कोई संकेत नहीं है कि आपातकालीन स्थिति किसी दुश्मन की कार्रवाई के कारण हुई थी। हेलीकॉप्टर में सवार बाकी तीन नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
शनिवार को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि जॉर्डन में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों से बचाव के दौरान दो सैनिक मारे गए। सेना ने बताया कि इस हमले के बाद से एक अमेरिकी सैनिक फिलहाल लापता है। सेना ने अपनी होलिया घोषणा में कहा कि वह मृतकों के नाम सहित अन्य अतिरिक्त जानकारी परिवारों को सूचित किए जाने के 24 घंटे बाद तक रोक कर रख रही है। इस युद्ध में मौतें केवल अमेरिकियों तक ही सीमित नहीं हैं।
ईरानी अधिकारियों का कहना है कि पिछले तीन हफ्तों में अमेरिकी हमलों में कम से कम 50 लोग मारे गए हैं और 500 से अधिक घायल हुए हैं, जिसमें शुक्रवार को एक पुल पर हुए हमले में मारे गए आठ लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा, जहाजों पर काम करने वाले लोग, विदेशी मजदूर और खाड़ी देशों, इजराइल व लेबनान के अन्य नागरिक भी इस संघर्ष में अपनी जान गंवा चुके हैं।
