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भारतीय हॉकी टीमें पहली युवा हॉकी फाइव्स एशियाई चैंपियनशिप से विश्व कप में जगह बनाने की कोशिश करेंगी

भारतीय सब जूनियर मेंस और महिला टीम सोमवार को मस्कट में पहली एफआईएच युवा हॉकी फाइव्स एशियाई चैंपियनशिप में अपना अभियान शुरू करेंगी तो उनका लक्ष्य पहले एफआईएच अंडर-18 युवा हॉकी फाइव्स विश्व कप में जगह पक्की करना होगा। सरदार सिंह की कोचिंग वाली भारतीय सब जूनियर मेंस टीम आत्मविश्वास के साथ टूर्नामेंट में उतर रही है।

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इंडिय सब जूनियर हॉकी टीम। फोटो- हॉकी इंडिया

नई दिल्ली, (भाषा)। भारतीय सब जूनियर मेंस और महिला टीम सोमवार को मस्कट में पहली एफआईएच युवा हॉकी फाइव्स एशियाई चैंपियनशिप में अपना अभियान शुरू करेंगी तो उनका लक्ष्य पहले एफआईएच अंडर-18 युवा हॉकी फाइव्स विश्व कप में जगह पक्की करना होगा। छह दिन तक चलने वाला यह टूर्नामेंट पहले एफआईएच अंडर-18 युवा हॉकी फाइव्स विश्व कप के लिए एशियाई क्वालीफायर के तौर पर काम करेगा।

सरदार सिंह की कोचिंग वाली भारतीय सब जूनियर मेंस टीम आत्मविश्वास के साथ टूर्नामेंट में उतर रही है। टीम ने फाइनल में मेजबान जापान को 4-1 से हराकर अंडर-18 एशिया कप का खिताब जीता था। इस टीम में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के खिलाड़ी शामिल हैं और टीम को मेजबान ओमान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ एलीट पूल में रखा गया है।

हालात के हिसाब से ढलने की जरूरत

सरदार सिंह ने एक बयान में कहा, खिलाड़ियों ने अंडर-18 एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करके यह मौका हासिल किया है और खिताब जीतने से मिला आत्मविश्वास निश्चित रूप से हमारी मदद करेगा। हालांकि हॉकी फाइव्स एक अनोखा प्रारूप है जिसमें तेजी से फैसले लेने बहुत अधिक तीव्रता और हालात के हिसाब से ढलने की जरूरत होती है।

उन्होंने कहा, लड़कों ने इन चुनौतियों के लिए अच्छी तैयारी की है और हमारा ध्यान अपनी योजनाओं को लागू करने, लगातार अच्छा प्रदर्शन करने और पहली एफआईएच अंडर-18 युवा हॉकी फाइव्स विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने पर होगा। हम एशिया की कुछ बेहतरीन युवा टीमों के खिलाफ खेलने और गर्व के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उत्साहित हैं।

रानी रामपाल महिला टीम की कोच

रानी रामपाल की कोचिंग वाली भारतीय सब जूनियर महिला टीम में वे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने अंडर-18 एशिया कप में कांस्य पदक जीता था। टीम को चीन, कजाखस्तान और उज्बेकिस्तान के साथ एलीट पूल में रखा गया है। एलीट पूल डबल राउंड रोबिन प्रारूप के आधार पर खेल जाएगा जिसमें हर टीम दूसरी टीम के खिलाफ दो बार खेलेगी। लीग चरण के आखिर में शीर्ष दो टीम सीधे स्वर्ण पदक के मुकाबले में पहुंचेंगी जबकि तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम सीधे कांस्य पदक के मैच के लिए क्वालीफाई करेगी।

चौथे स्थान पर रहने वाली टीम क्वालीफिकेशन मैच में चैलेंजर पूल की शीर्ष टीम का सामना करेगी और जीतने वाली टीम कांस्य पदक के मैच में आगे बढ़ेगी। भारत का अभियान सोमवार को शुरू होगा जिसमें महिला टीम कजाखस्तान का सामना करेगी और उसके बाद शाम को पुरुष टीम बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद पुरुष टीम मंगलवार को ओमान और पाकिस्तान के खिलाफ खेलेगी और फिर 23 और 24 जुलाई को इन्हीं टीमों के खिलाफ दोबारा खेलेगी।

वहीं, महिला टीम मंगलवार को चीन और उज्बेकिस्तान का सामना करेगी और फिर 23 जुलाई को कजिकिस्तान से दोबारा खेलेगी और उसके बाद 24 जुलाई को चीन और उज्बेकिस्तान के खिलाफ खेलेगी। क्लासीफिकेशन मैच 25 जुलाई को होने हैं।

रानी ने कहा, यह टूर्नामेंट हमारे युवा खिलाड़ियों के लिए महाद्वीपीय स्तर पर अपना हुनर दिखाने का एक शानदार मौका है। टीम को अंडर-18 एशिया कप से बहुत अच्छा अनुभव मिला है और हमने तेज रफ्तार वाले हॉकी फाइव्स प्रारूप के हिसाब से ढलने के लिए कड़ी मेहनत की है।

उन्होंने आगे कहा, खिलाड़ी प्रेरित हैं, सीखने के लिए उत्सुक हैं और हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए दृढ़ हैं। हमारा मकसद निडर होकर हॉकी खेलना, अपना विकास जारी रखना और देश का मान बढ़ाते हुए पहली बार होने वाले एफआईएच अंडर-18 युवा हॉकी फाइव्स विश्व कप के लिए क्वालीफाई करना है।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

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