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इजरायल ने फिर तोड़ दी हिजबुल्लाह की कमर! मारा गया मीडिया प्रमुख, लेबनान में इजरायली हमलों में मारे गए 11 लोग; 48 घायल

Israel vs Hezbollah:बेरूत पर इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के मीडिया प्रमुख की मौत हो गई है। एएफपी समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इसकी घोषणा खुद हिजबुल्लाह ने की है। इसके अलावा लेबनान के टायर क्षेत्र में इजरायली हमलों में 11 लोग मारे गए, 48 घायल हो गए हैं। लेबनान मंत्रालय के हवाले से ये जानकारी सामने आई है।

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बेरूत पर इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के मीडिया प्रमुख की मौत।

Hezbollah media chief killed in Israeli Strike: लेबनान की राजधानी बेरूत में रविवार को हुए एक इजरायली हमले में हिजबुल्लाह के मीडिया संबंध प्रमुख मोहम्मद अफीफ की मौत हो गई, टाइम्स ऑफ इजरायल ने रिपोर्ट की। टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, हिजबुल्लाह ने मोहम्मद अफीफ की मौत की पुष्टि की है। टाइम्स ऑफ इजरायल ने रिपोर्ट की कि अफीफ मध्य बेरूत में सीरियाई बाथ पार्टी के मुख्यालय पर आईडीएफ हमले में मारा गया।

मारा गया हिजबुल्लाह का मीडिया चीफ मोहम्मद अफीफ

टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, इजरायल ने अभी तक हिजबुल्लाह के प्रवक्ता की हत्या की पुष्टि नहीं की है। अल जजीरा के अनुसार, अफीफ ने हिजबुल्लाह के लिए कई प्रेस कॉन्फ्रेंस कीं, जिसमें इजरायली बमबारी के बारे में जानकारी दी गई। अफीफ ने सशस्त्र समूह के शीर्ष मीडिया संबंध अधिकारी के रूप में कार्यभार संभालने से पहले कई वर्षों तक हिजबुल्लाह के अल-मनार टेलीविजन स्टेशन का प्रबंधन किया।

वहीं एएफपी ने लेबनान मंत्रालय के हवाले से बताया है कि लेबनान के टायर क्षेत्र में इजरायली हमलों में 11 लोग मारे गए, 48 घायल हो गए हैं।

हिजबुल्लाह के पास "लंबी लड़ाई" लड़ने के लिए पर्याप्त हथियार

अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अफीफ ने हाल ही में पत्रकारों को दिए अपने बयान में कहा था कि हिजबुल्लाह के पास इजरायल के खिलाफ "लंबी लड़ाई" लड़ने के लिए पर्याप्त हथियार हैं। अफीफ की हत्या इजरायल के हिजबुल्लाह नेतृत्व को खत्म करने के लक्ष्य की दिशा में एक और कदम है।

इससे पहले इजरायल ने लेबनान स्थित समूह द्वारा हाशेम सफीदीन को अपना प्रमुख बनाए जाने के बाद हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या कर दी थी। रविवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के घर पर फ्लेयर्स फेंकने के आरोप में तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। शनिवार रात को कैसरिया में नेतन्याहू के निजी घर पर दो फ्लेयर्स फेंके गए, जो घर के आंगन में गिरे। उस समय प्रधानमंत्री और उनका परिवार घर पर नहीं था।

नेतन्याहू के निजी आवास पर हिजबुल्लाह ने किया था हमला

इस साल अक्टूबर की शुरुआत में नेतन्याहू के निजी आवास पर हिजबुल्लाह के ड्रोन ने हमला किया था। इजरायली मीडिया में प्रकाशित तस्वीरों में बेडरूम की खिड़की में दरारें दिखाई दे रही थीं, जहां ड्रोन ने हमला किया था, लेकिन वह अंदर घुसने में विफल रहा। खिड़की संभवतः प्रबलित कांच से बनी थी और माना जाता है कि इसमें अन्य सुरक्षा उपाय भी हैं। उस समय नेतन्याहू और उनका परिवार वहां नहीं था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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