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चीन के विदेश मंत्री से मिले एस जयशंकर, सीमा समझौते के बाद पहली मुलाकात

S Jaishankar met Chinese Foreign Minister: अक्टूबर में भारत और चीन के बीच सीमा पर सैनिकों की वापसी के समझौता होने के बाद एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री के बीच यह पहली मुलाकात थी। दोनों विदेश मंत्रिययों की यह बातचीत पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कजान में हुई बैठक के बाद हुई है।

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S Jaishankar met Chinese Foreign Minister

Photo : Twitter

S Jaishankar met Chinese Foreign Minister: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ब्राजील दौरे पर गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीनी समकक्ष वांग यी से सोमवार रात रियो डी जेनेरियो में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की। दोनों नेताओं ने सीमा पर तनाव कम करने के बाद द्विपक्षीय संबंधों में अगले कदमों पर चर्चा की। अक्टूबर में भारत और चीन के बीच सीमा पर सैनिकों की वापसी के समझौता होने के बाद यह उनकी पहली मुलाकात थी।

जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि सोमवार को जी-20 के दौरान हुई बैठक में, 'भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में हाल ही में हुई सैन्य वापसी पर चर्चा हुई। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में अगले कदमों को लेकर विचार किया गया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने सोमवार को बीजिंग में एक ब्रीफिंग में कहा कि उनका देश 'रणनीतिक आपसी विश्वास को बढ़ाने' के लिए तैयार है।

पिछले महीने मोदी और जिनपिंग की हुई थी मुलाकात

दोनों विदेश मंत्रिययों की यह बातचीत पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कजान में हुई बैठक के बाद हुई है। कजान मीटिंग के बाद दोनों देशों ने सीमा तनाव को कम करने में सफलता हासिल की थी। कजान में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अपनी बैठक के बाद इस बात पर जोर दिया था कि विदेश मंत्री स्तर की बैठक जल्द से जल्द होगी।

भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार चीन

जयशंकर ने वांग के साथ बैठक से पहले कहा, कजान में, हमारे नेताओं ने 21 अक्टूबर की समझ को ध्यान में रखते हुए आपसी रिश्तों में अगले कदम उठाने पर आम सहमति बनाई।" उन्होंने कहा, "मुझे यह जानकर खुशी हुई कि जमीनी स्तर पर उस समझ का कार्यान्वयन योजना के अनुसार आगे बढ़ा है। लिन ने कहा, "चीन दोनों देशों के नेताओं के बीच महत्वपूर्ण आम समझ को आगे बढ़ाने, संचार और सहयोग को बढ़ाने और रणनीतिक आपसी विश्वास को बढ़ाने के लिए भारत के साथ काम करने के लिए तैयार है। बता दें, 21 अक्टूबर को भारत ने चीन के साथ सीमा समझौते पर पहुंचने की घोषणा की थी, जिससे लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध समाप्त होने की शुरुआत हुई। अगले दिन समझौते की पुष्टि करते हुए बीजिंग ने कहा कि 'प्रासंगिक मामलों' पर समाधान हो गया है और वह समझौते की शर्तों को लागू करने के लिए नई दिल्ली के साथ मिलकर काम करेगा।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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