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पैसेंजर विमान के बेहद करीब पहुंच गया डोनाल्ड ट्रंप का हेलीकॉप्टर, बाल-बाल बचे, जांच शुरू

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना मंगलवार दोपहर लगभग 2:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) उस समय हुई जब मरीन वन राष्ट्रपति ट्रंप को व्हाइट हाउस से जॉइंट बेस एंड्रयूज ले जा रहा था...

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डोनाल्ड ट्रंप बाल-बाल बचे

Photo : AP

Donald Trump Escaped: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ले जा रहे सैन्य हेलीकॉप्टर 'मरीन वन' और रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाले एक कमर्शियल यात्री विमान के बीच मंगलवार दोपहर उड़ान के दौरान दूरी कम होने (लॉस ऑफ सेपरेशन) की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद अमेरिकी विमानन नियामक संस्था 'फेडरल एविशन एडमिनिस्ट्रेशन' (FAA) और 'नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड' (NTSB) ने विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

हेलिकॉप्टर के बेहद करीब पहुंच गए विमान

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना मंगलवार दोपहर लगभग 2:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) उस समय हुई जब मरीन वन राष्ट्रपति ट्रंप को व्हाइट हाउस से जॉइंट बेस एंड्रयूज ले जा रहा था, जहां से उन्हें लॉस एंजिल्स के लिए रवाना होना था। इसी दौरान रोनाल्ड रीगन एयरपोर्ट से फ्लोरिडा के पेंसाकोला के लिए एनवॉय एयर (Envoy Air) के यात्री विमान ने उड़ान भरी। एफएए के मुताबिक, दोनों विमानों के बीच कुछ पलों के लिए मानक दूरी कम हो गई थी, जिसके तुरंत बाद दोनों विमान एक-दूसरे से दूर चले गए। हालांकि एफएए और व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति कभी भी किसी खतरे में नहीं थे और एयर ट्रैफिक कंट्रोलर दोनों पायलटों के लगातार संपर्क में था।

एटीसी और क्रू के बीच संचार में आई बाधा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) और मरीन वन के क्रू के बीच संचार में आई बाधा इस घटना की प्रमुख वजह मानी जा रही है। कॉकपिट ऑडियो रिव्यू से पता चला है कि मरीन वन के क्रू ने टेकऑफ से तीन मिनट पहले कंट्रोल टावर को तीन बार सूचित करने का प्रयास किया था, लेकिन ऐसा लगता है कि संदेश समय पर प्राप्त नहीं हुआ या संचार में देरी हुई। जब हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरने की घोषणा की, तो कंट्रोलर ने क्रू को पहले से उड़ान भर रहे यात्री विमान के बारे में चेतावनी दी, जिसके बाद मरीन वन के पायलटों ने विमान को देखकर कुछ देर के लिए अपनी स्थिति बरकरार रखी और फिर अपनी यात्रा आगे बढ़ाई।

सुरक्षा प्रोटोकॉल पर एक बार फिर सवाल खड़े हुए

वॉशिंगटन के बेहद व्यस्त और संवेदनशील हवाई क्षेत्र में हुई इस घटना ने सुरक्षा प्रोटोकॉल पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। बता दें कि जनवरी 2025 में रीगन नेशनल एयरपोर्ट के पास ही एक सैन्य हेलीकॉप्टर और यात्री विमान के बीच हुई भीषण टक्कर में 67 लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद लागू किए गए सुरक्षा नियमों के तहत मरीन वन की आवाजाही के दौरान आसपास की वाणिज्यिक उड़ानों को रोकने का प्रावधान किया गया था। अमेरिकी मरीन कॉर्प्स ने इस उड़ान को नियमित बताया है, वहीं एफएए का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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