Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर उनकी सेना बहुत जोरदार प्रहार कर रही है और इन हमलों में उसे भीषण नुकसान हुआ है। ट्रंप ने कहा कि इन हमलों में ईरान की सैन्य शक्ति पूरी तरह तबाह हो गई है। साथ ही उन्होंने सीजफायर टूटने के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि 'मुझे लगता है कि सब कुछ बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमने ईरान की सैन्य शक्ति को पूरी तरह तबाह कर दिया है, हम उन पर बहुत जोरदार हमला कर रहे हैं।'
'हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे'
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि कल या परसों हमारे बीच एक समझौता हुआ था लेकिन उन्होंने तुरंत उस समझौते को तोड़ दिया, क्योंकि उन्हें समझौते में कुछ ऐसी बात नजर आई जो उन्हें पसंद नहीं आई। उनकी सोच अलग तरह की है, और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम आगे बढ़ते रहेंगे। हम आज रात उन पर हमला कर रहे हैं, और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी उनकी हर क्षमता को ध्वस्त कर रहे हैं।
उन्होंने 52,000 प्रदर्शनकारियों को मार डाला है-ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि अंत में, हम पूरे इलाके पर नियंत्रण हासिल कर लेंगे। वे जो कर रहे हैं वह बेहद मूर्खतापूर्ण और बेवकूफी भरा है, और उन्होंने लोगों के साथ बेहद क्रूर व्यवहार किया है। अब तक हमारे अनुमान के अनुसार उन्होंने 52,000 प्रदर्शनकारियों को मार डाला है। यह संख्या इससे भी ज्यादा हो सकती है, लेकिन कम से कम 52,000 प्रदर्शनकारी मारे जा चुके हैं। यह सच में बहुत भयावह स्थिति है। हम इसे बहुत जल्द नियंत्रण में ले आएंगे।'
'वे 47 सालों से बातचीत करते आ रहे हैं'
ईरान डील पर ट्रंप ने कहा कि 'उन्होंने एक समझौता किया; उन्होंने उसे तोड़ दिया शायद 10 बार और उन्होंने बहुत सारे लोगों को मार डाला। वे 47 सालों से बातचीत करते आ रहे हैं, लेकिन आज तक किसी ने भी उन पर सैन्य कार्रवाई नहीं की थी। हम उन पर बहुत जोरदार प्रहार कर रहे हैं।'
UAE के दो तेल टैंकरों पर हमला
होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात के दो तेल टैंकरों पर कथित मिसाइल हमला हुआ है। UAE ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहे उसके दो राष्ट्रीय तेल टैंकरों पर दो ईरानी क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए हैं। UAE ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताया है।
