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US-Iran Conflict: पहली बार Sea Drones से अमेरिका का ईरान पर हमला, बंदर अब्बास नौसैनिक अड्डे को बनाया निशाना; देखें वीडियो

US Iran Conflict: अमेरिका ने पहली बार वास्तविक सैन्य अभियान में समुद्री ड्रोन (Sea Drones/Unmanned Surface Vessels) का इस्तेमाल करते हुए ईरान के बंदर अब्बास नौसैनिक अड्डे पर हमला किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस ऑपरेशन का वीडियो जारी करते हुए दावा किया कि ड्रोन के जरिए ईरान की पनडुब्बी और जहाज रखरखाव सुविधा को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इस कार्रवाई से ईरान की समुद्री हमले की क्षमता कमजोर हुई है।

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अमेरिका ने ईरान पर पहली बार Sea Drones का इस्तेमाल किया। US ARMY X handle

US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पहली बार युद्ध में मानव रहित समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया कि इन ड्रोन की मदद से ईरान के बंदर अब्बास नौसैनिक अड्डे पर स्थित एक पनडुब्बी और जहाज रखरखाव सुविधा को निशाना बनाया गया।अमेरिकी सेंट्रल कमांडने इस ऑपरेशन का वीडियो भी जारी किया है।

अमेरिका ने पहली बार समुद्री ड्रोन का किया इस्तेमाल

अमेरिकी सेना के अनुसार, हमले में तीन कॉर्सियर मानव रहित सतही पोत (Unmanned Surface Vessels) का इस्तेमाल किया गया। यह पहली बार है जब अमेरिकी सेना ने किसी वास्तविक सैन्य अभियान में समुद्री ड्रोन का उपयोग किया है। CENTCOM का दावा है कि इस कार्रवाई से ईरान की अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की क्षमता कमजोर हुई है।

हॉर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल के दिनों में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर कई सैन्य कार्रवाई की हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर कई बड़े बयान दिए हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

क्या हैं समुद्री ड्रोन?

समुद्री डोन (Sea Drones) या Unmanned Surface Vessels (USVs) ऐसे मानव रहित नौसैनिक प्लेटफॉर्म होते हैं जो बिना चालक दल के समुद्र में संचालित किए जाते हैं। इनका इस्तेमाल निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और हमले जैसे सैन्य अभियानों में किया जा सकता है। अमेरिकी सेना का कहना है कि भविष्य के समुद्री युद्ध में यह तकनीक अहम भूमिका निभाएगी।

वहीं, ईरान से जारी तनाव के बीच ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग रूट 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) को अपने नियंत्रण में लेने जा रहा है और इस रास्ते से गुजरने वाले सभी मालवाहक जहाजों (Cargo Ships) से सुरक्षा के बदले 20 प्रतिशत शुल्क (टैक्स) वसूलेगा। ट्रंप ने कहा कि अब से अमेरिका को “द गार्जियन ऑफ द हॉर्मुज स्ट्रेट” (हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रक्षक) के रूप में जाना जाएगा।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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