रूस के साथ जारी जंग के बीच यूक्रेन और नौ अन्य यूरोपीय देशों ने महाद्वीप को बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से सुरक्षित करने के लिए एक नए रक्षा गठबंधन की घोषणा की है। इन 10 देशों ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ पेरिस में हुई वार्ता में इस समझौते की घोषणा की।
समझौते के बाद इन देशों ने एक संयुक्त बयान भी जारी किया। संयुक्त बयान में कहा गया कि गठबंधन का लक्ष्य यूरोप के लिए साझा बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा क्षमता तैयार करना है, ताकि भविष्य में किसी भी संभावित मिसाइल हमले का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।
बता दें कि यूक्रेन ने पिछले चार सालों में रूस की ओर से दागी गई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का लगातार सामना किया है। इस दौरान कीव ने वायु रक्षा प्रणालियों के संचालन, मिसाइल ट्रैकिंग और इंटरसेप्शन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया है। यही वजह है कि यूरोपीय देश अब यूक्रेन के अनुभव और तकनीकी समझ को साझा सुरक्षा ढांचे में शामिल करना चाहते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस-यूक्रेन युद्ध ने यूरोप को यह एहसास कराया है कि पारंपरिक सैन्य खतरों के साथ-साथ लंबी दूरी की मिसाइलें भी महाद्वीप की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। रूस द्वारा यूक्रेन पर कई बार बैलिस्टिक मिसाइलों के इस्तेमाल ने यूरोपीय देशों की चिंताएं बढ़ाई हैं। विश्लेषकों का कहना है कि यह पहल केवल यूक्रेन की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे यूरोप के लिए एक दीर्घकालिक सुरक्षा ढांचा तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल सदस्य देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ेगा, बल्कि मिसाइल हमलों की स्थिति में त्वरित और समन्वित प्रतिक्रिया देने की क्षमता भी मजबूत होगी।
यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब रूस और पश्चिमी देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है और यूरोप अपनी सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। यूक्रेन को उम्मीद है कि इस पहल से उसकी सैन्य विशेषज्ञता को व्यापक अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलेगी और यूरोप की रक्षा तैयारियों को नई दिशा मिलेगी।
