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चीनी लोगों ने पीएम नरेंद्र मोदी को दिया 'लाओक्सियन' उपनाम, जानें- क्या है मतलब

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Mar 10, 2023, 07:54 PM IST

पीएम नरेंद्र मोदी का जादू ना सिर्फ भारत बल्कि चीन में भी है। चीनी सोशल मीडिया में लोगों ने उन्हें लाओक्सियन उपनाम दिया है।

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नरेंद्र मोदी, पीएम

Narendra Modi in Chinese social media: चीन के साथ भारत के रिश्ते में उतार चढ़ाव का दौर दिखाई देता रहता है। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद का अपना इतिहास है। चीन की तरफ से जब जब भी एलएसी पर दुस्साहस किया जाता है तो भारतीय फौज की तरफ से करारा जवाब मिलता है। इन सबके बीच चीनी लोगों के दिल पर पीएम नरेंद्र मोदी राज करते हैं। चीनी सोशल मीडिया पर लोग उन्हें लाओक्सियन उपनाम से बुलाते हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि इस शब्द का अर्थ क्या है।

क्या है लाओक्सियन का अर्थ

लाओक्सियन का मतलब अजीब क्षमताओं के साथ परिपूर्ण शख्स जो अमर है। चीनी नेटिजेंस सोचते हैं कि मोदी अन्य नेताओं की तुलना में अलग और आश्चर्यजनक हैं। वे उनके पहनावे और शारीरिक रूप-रंग दोनों की ओर इशारा करते हैं। जिसे लाओक्सियन जैसी और उनकी कुछ नीतियों के रूप में देखा जाता है, जो भारत की पिछली नीतियों से अलग हैं। विशेष रूप से मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया के प्रमुख देशों के बीच संतुलन बनाए रख सकता है। चाहे वह रूस हो, संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत उन सभी के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों को फायदा उठा सकता है।

विदेशी नेता को उपनाम देना दुर्लभ

चीनी नेटिजन्स के लिए मोदी के बारे में यह धारणा बेहद खास है। इसलिए लाओक्सियन शब्द मोदी के प्रति चीनी लोगों की जटिल भावना को दर्शाता है, जिसमें जिज्ञासा, विस्मय और शायद सनक का मेल है। द डिप्लोमैट के पत्रकार का कहना है कि वो लगभग 20 वर्षों से अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट कर रहा है, चीनी नेटिजेंस के लिए किसी विदेशी नेता को उपनाम देना दुर्लभ है। मोदी का उपनाम अन्य सभी से ऊपर है। स्पष्ट रूप से उन्होंने चीनी जनता की राय पर प्रभाव डाला है। उनका एक निष्कर्ष यह है कि कुल मिलाकर चीनियों के मन में भारत के प्रति कोई दुर्भावना नहीं है, सिर्फ एक स्पष्ट अपवाद सीमा विवाद है।

सीमा विवाद के बारे में चीनी लोगों को अधूरी जानकारी

एक बार जब सीमा विवाद का जिक्र आता है, तो अधिकांश चीनी नागरिक बहुत नाराज हो जाते हैं। धारणा यह है कि भारत ने पश्चिम के समर्थन से चीन को घेर लिया है और उसी उद्देश्य से क्वाड में शामिल हो गया है।चीन और भारत सीमा विवादों के कारण द्विपक्षीय हितों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे, बल्कि सीमा स्थिरता और शांति बनाए रखने के संदर्भ में अन्य पहलुओं में मैत्रीपूर्ण सहयोग विकसित करेंगे। साथ ही यदि चीनी और भारतीय मीडिया भारत की अधिक खुली और आधुनिक छवि दिखा सकते हैं तो यह सामान्य चीनी को भारत के बारे में बेहतर राय बनाने में मदद करेगा। यह निश्चित रूप से चीन-भारत संबंधों के लिए सार्थक होगा।

ललित राय
ललित रायauthor

खबरों को सटीक, तार्किक और विश्लेषण के अंदाज में पेश करना पेशा है। पिछले 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव है।

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