Chinese Firm near US Air Force Base : दुनिया की दो बड़ी महाशक्तियों अमेरिका और चीन के बीच कई मोर्चों पर तनातनी चल रही है। एक दूसरे के हितों को नुकसान पहुंचाने की वे फिराक में रहते हैं। अब चीन की एक कृषि कंपनी ने ऐसा काम किया है जिससे अमेरिकी सांसदों के कान खड़े हो गए हैं। दरअसल, चीन की कृषि कंपनी फूफेंग ग्रुप ने एक अमेरिकी एयर फोर्स स्टेशन के समीप एक फॉर्मलैंड खरीदा है। इस सौदे ने सांसदों के होश उड़ा दिए हैं। सांसदों ने इस पर सुरक्षा चिंता जाहिर करते हुए अकाउंटिबिलिटी ऑफिस को पत्र लिखा है। सांसदों का कहना है कि इस तरह के सौदे से सुरक्षा पर समझौता हो सकता है।
सुरक्षा खतरों का अध्ययन कराने की मांग
रिपोर्टों के मुताबिक इस सौदे पर सांसदों ने सुरक्षा चिंता तो जताई ही है। सरकार के इस विधायी एजेंसी को लिखे पत्र में 130 सांसदों ने अमेरिका में कृषि फॉर्म में विदेशी निवेश और इससे उत्पन्न सुरक्षा खतरों का अध्ययन कराने की मांग की है। चीन की इस कंपनी ने नॉर्थ डकोटा में ग्रैंड फोर्क्स के समीप 370 एकड़ भूमि खरीदा है। यह कृषि भूमि अमेरिकी एयर फोर्स के एक ठिकाने से महज 20 किलोमीटर दूर है। बताया जाता है कि वायु सेना के इस ठिकाने पर अमेरिका के अत्यंत आधुनिक ड्रोन रखे गए हैं।
कंपनी का कहना है कि वह मक्के से एसिड निकालेगी
निकेई एशिया की एक रिपोर्ट में कंपनी के हवाले से कहा गया है कि इस भूमि का इस्तेमाल मक्के से अमीनो एसिड निकालने में किया जाएगा। यह एसिड पशुओं के चारे में इस्तेमाल होगा और यहां से बनने वाले ज्यादा उत्पादों को नॉर्थ अमेरिका में बेचा जाएगा। एयर बेस पर ड्रोन सिस्टम के विकास पर काम करने वाले अमेरिका कॉन्ट्रैक्टर जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम ने चीनी निवशे का विरोध करते हुए बयान जारी किया है। उसने अमेरिका सरकार से चीन के इस प्रोजेक्ट पर रोक लगाने की मांग की है।
अमेरिकी नेताओं को इस पर चिंतित होना चाहिए-प्रवक्ता
जनरल एटॉमिक्स एरोनॉटिकल सिस्टम के प्रवक्ता मार्क ब्रिंकले ने कहा, 'चीन के कारोबारियों की अपनी सरकार के साथ जटिल संबंध हैं। चीन की सरकार उनके कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद करती है। एक दूसरे के सहयोगी हैं। हम इस बड़े पैमाने पर जासूसी के लिए कोई जगह नहीं दे सकते। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए अमेरिकी नेताओं को बहुत चिंतित होना चाहिए।'
