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ताइवान के नए राष्ट्रपति से चिढ़ा चीन, चारों तरफ से घेरकर शुरू किया युद्धाभ्यास, जमा रहा धौंस

China military drills around Taiwan : युद्धाभ्यास शुरू होने के बाद ताइवान ने कहा कि उसके तट के पास चीन की सेना के व्यापक अभ्यास के दूसरे दिन शुक्रवार को दर्जनों चीनी युद्धक विमान और नौसैन्य पोत देखे गए। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसे 49 युद्धक विमान और 19 नौसैन्य पोत के साथ-साथ चीनी तट रक्षक जहाजों का भी पता चला है।

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ताइवान को अपना हिस्सा मानता है चीन।

Photo : AP

China military drills around Taiwan : ताइवान को लेकर चीन एक बार फिर आक्रामक हो गया है। वह उसे चारों तरफ से घेरकर दो दिनों का युद्धाभ्यास कर रहा है। इस युद्धाभ्यास में उसके युद्धपोत, वायु सेना के लड़ाकू विमान शामिल हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि युद्धाभ्यास लाई चिंग-ते के राष्ट्रपति पद का शपथ लेने के कुछ दिन बाद ही हो रहा है। उन्होंने गत सोमवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। चीन के इस युद्धाभ्यास को उसके धौंस जमाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। रणनीतिकार चीन के चिढ़ने की एक वजह लाई चिंग-ते को भी मान रहे हैं। चीन उन्हें एक 'अलगाववादी' और अपने लिए 'समस्याएं' खड़ी करने वाले के तौर पर देखता है।

सैन्य अड्डे पर जाने से भड़का चीन

ताइवान के इस नए राष्ट्रपति ने गुरुवार को एक सैन्य अड्डा का दौरा किया। इसके घंटे भर बाद चीन ने ताइवान को घेरते हुए युद्धाभ्यास शुरू कर दिया। दरअसल, राष्ट्रपति पद की शपथ लेने और कमांडर इन चीफ बनने के बाद लाई अपनी नौ सेना की 66वीं ब्रिगेड पहुंचे। यहां सैनिकों से उन्होंने कहा, 'मेरी जिम्मेदारी इस देश के हितों और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है।' उन्होंने आगे कहा, 'बाहरी चुनौतियों एवं धमकियों के बीच हम लोकतंत्र एवं स्वतंत्रता के मूल्यों की सुरक्षा करेंगे। क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता पर कोई खतरा नहीं आने दिया जाएगा।' लाई के इस दौरे और बयान दोनों चीन को नागवार गुजरा और इसे अपनी संप्रभुता को चुनौती माना।

विमानों ने ताइवान के समीप उड़ान भरी

युद्धाभ्यास शुरू होने के बाद ताइवान ने कहा कि उसके तट के पास चीन की सेना के व्यापक अभ्यास के दूसरे दिन शुक्रवार को दर्जनों चीनी युद्धक विमान और नौसैन्य पोत देखे गए। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसे 49 युद्धक विमान और 19 नौसैन्य पोत के साथ-साथ चीनी तट रक्षक जहाजों का भी पता चला है और बृहस्पतिवार से शुक्रवार तक 24 घंटे की अवधि में 35 विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य में उड़ान भरी। यह दोनों पक्षों के बीच की वास्तविक सीमा है।

'ताइवान ने एक-चीन सिद्धांत को चुनौती दी'

वहीं इस युद्धाभ्यास पर चीन की सेना ने कहा कि ताइवान के आसपास उसका दो दिवसीय अभ्यास स्वतंत्रता चाहने वाली अलगाववादी ताकतों के लिए सजा के समान है। चीन में ताइवान मामलों के कार्यालय के प्रवक्ता चेन बिनहुआ ने बृहस्पतिवार रात एक बयान में कहा, ‘ताइवान के नेता ने पदभार संभालते ही एक-चीन सिद्धांत को चुनौती दी...।’ ‘एक-चीन सिद्धांत’ के अनुसार चीन केवल एक देश है और कम्युनिस्ट पार्टी के शासन के तहत ताइवान भी चीन का ही हिस्सा है। चीन का मानना है कि ताइवान को मुख्य भूमि के साथ जोड़ा जाना चाहिए भले ही इसके लिए बल प्रयोग करना पड़े।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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