दुनिया

चीन भारत से करेगा जल युद्ध ! जानें ड्रैगन की नई चाल और भारत को क्या है खतरा

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jan 20, 2023, 04:07 PM IST

China Making Huge Dam: भारत में बहकर आने वाली नदियों के पानी को कंट्रोल करने के बाद चीन भारत में बाढ़ और सूखे का भी कारण बन सकता है। इसके पहले साल 2008 में भारत और चीन के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदी का डाटा दोनों देशों ने एक दूसरे के साथ शेयर किया जाता है।

Image

ड्रैगन का भारत के खिलाफ नया पैंतरा

China Making Huge Dam: चीन के राष्ट्रपकि शी जिनपिंग भारत के साथ अब नया मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं। ड्रैगन अपनी नई चाल में भारत को जल युद्ध में फंसाना चाहता है। इसके तहत चीन की कोशिश भारत के पानी को कब्जा करने की है। ओपेन सोर्स इंटेलिजेंस @detresfa द्वारा जारी की गई तस्वीरों के अनुसार चीन नेपाल के कालापानी क्षेत्र के पास बांध बना रहा है। चीन माबजा जांगबो नदी पर नया बांध बना रहा है। और यह बांध जिस जगह बन रहा है, उससे कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर भारत-नेपाल-चीन की सीमाएं मिलती हैं।दावा है कि चीन इस बांध के जरिए इस पूरे इलाके के पानी पर नियंत्रण करना चाहता है। अगर ऐसा करने में वह सफल होता है तो इसकी सीधा असर भारत पर पड़ेगा। और चीन-तिब्बत की ओर से आ रही नदियों को नियंत्रित कर भारत में सूखे और बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है।

भारत में बाढ़ और सूखे का कारण बन सकता है चीन

भारत में बहकर आने वाली नदियों के पानी को कंट्रोल करने के बाद चीन भारत में बाढ़ और सूखे का भी कारण बन सकता है। इसके पहले साल 2008 में भारत और चीन के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदी का डाटा दोनों देशों ने एक दूसरे के साथ शेयर किया जाएगा, ताकि बेहतर तरीके से पानी का मैनेजमेंट हो सके। इसके पहले साल 2017 में डोकलाम झड़प के दौरान भी ऐसी रिपोर्ट आईं थी कि चीन ने भारत के साथ ब्रह्मपुत्र और सतलुज नदियों के पानी का डाटा शेयर नहीं किया था, जिसके चलते उस साल असम और उत्तर प्रदेश में बाढ़ आई थी।

बांध के करीब एयरपोर्ट भी बना रहा है

न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार चीन बांध बनाने के अलावा उसके करीब एयरपोर्ट भी बना रहा है। ऐसे में किसी आपात स्थिति में चीन एयरफोर्स का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर सकता है। इसके अलावा चीन अरूणाचल सीमा के करीब ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी यारलुंग सांगपो नदी पर भी बांध का निर्माण कर रहा है। इस समय तिब्बत चीन के नियंत्रण में हैं। और तिब्बत के पठार से ही सिंधु, ब्रह्मपुत्र, इरावेड्डी, सलवीन, मेकॉन्ग जैसी बड़ी नदियां निकलती हैं। ये नदियां भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, म्यांमार, लाओस और वियतनाम में बहती हैं और इन देशों में सिंचाई और पीने के पानी का बड़ा स्त्रोत हैं।

पिछले कुछ समय में चीन ने यारलुंग सांगपो नदी नदी पर कई छोटे बांध बनाए हैं जिसके कारण ब्रह्मपुत्र को लेकर चिंता पैदा हो गई है। इसके पहले नवंबर 2020 चीनी सरकारी मीडिया कह चुका था कि यारलुंग सांगपो नदीपर एक सुपर बांध बनाया जाएगा।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article