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ट्रंप-पुतिन मुलाकात से पहले अलास्का में कैसा है माहौल, दोनों नेताओं की मुलाकात पर क्या कह रहे लोग

साल 2019 में यूक्रेन छोड़कर अलास्का आने वाली 40 साल की कोरिया ने कहा कि उनके देश के भविष्य पर फैसला अब इस शहर में होगा। पुतिन और ट्रंप का प्लेन ज्वाइंट बेस एल्मेनडोर्फ रिचर्डसन एयरपोर्ट पर उतरेगा। एयरपोर्ट से यहां आने में 30 मिनट का समय लगता है। इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को आमंत्रित नहीं किया गया है। कोरिया ने कहा कि बैठक के लिए जेलेंस्की को न बुलाना दुख की बात है।

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यूक्रेन के समर्थन में हैं अलास्का के लोग। तस्वीर-AP

Photo : AP

Trump-Putin Meeting: अलास्का में कुछ समय बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मुलाकात होने जा रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने को लेकर हो रही इस बैठक पर दुनिया भर की नजरें लगी हैं। अलास्का की राजधानी एंकोरेज में होने वाली इस बैठक और दोनों नेताओं की मुलाकात पर वहां के लोगों ने भी दिलचस्पी दिखाई है। लोगों का कहना है कि युद्ध का समाधान यदि उनकी धरती से निकलता है तो यह पूरी दुनिया के लिए अच्छा होगा तो कुछ ऐसे भी हैं जो इसे ट्रंप की व्यर्थ की कवायद बता रहे हैं।

पुतिन को जेल में होना चाहिए था-हन्ना

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक एंकोरेज जाने वाली सड़क पर यूक्रेन का झंडा हाथ में थामने वाली हन्ना कोरिया ने कहा कि 'पुतिन को जेल में होना चाहिए था लेकिन वह बिना किसी रोक-टोक के अलास्का आ रहे हैं। जब मैं पार्किंग लॉट से होते हुए यहां पहुंची तो देखा कि बहुत सारे अमेरिकन वे पुतिन का समर्तन कर रहे हैं, यह देखकर मुझे रोने का मन कर रहा है।'

'जेलेंस्की को न बुलाना दुख की बात'

साल 2019 में यूक्रेन छोड़कर अलास्का आने वाली 40 साल की कोरिया ने कहा कि उनके देश के भविष्य पर फैसला अब इस शहर में होगा। पुतिन और ट्रंप का प्लेन ज्वाइंट बेस एल्मेनडोर्फ रिचर्डसन एयरपोर्ट पर उतरेगा। एयरपोर्ट से यहां आने में 30 मिनट का समय लगता है। इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को आमंत्रित नहीं किया गया है। कोरिया ने कहा कि बैठक के लिए जेलेंस्की को न बुलाना दुख की बात है।

'व्हाइट हाउस में मुर्ख व्यक्ति बैठा है'

कुछ ऐसे भी लोग हैं जो ट्रंप-पुतिन दोनों के यहां आने का विरोध कर रहे हैं। इन्हीं मे से एक हैं 53 साल के क्रिस्टोफर केलिहर। केलिहर अलास्का के मूल निवासी हैं। बैठक के बारे में उन्होंने कहा, 'पुतिन को यहां हमारे इस राज्य या देश में आने की जरूरत नहीं थी लेकिन व्हाइट हाउस में एक मूर्ख व्यक्ति बैठा है जो रूसी राष्ट्रपति की पूजा करेगा।'

कभी रूस का हिस्सा था अलास्का

बता दें कि करीब डेढ़ सौ साल पहले अलास्का रूस का हिस्सा था लेकिन 1867 में रूस ने 7.2 मिलियन डॉलर में इसे यूएस को बेच दिया। यहां रूस द्वारा निर्मित आज भी गई गिरिजाघर हैं। इन्हीं में से एक है ऑर्नेट चर्च। इस चर्च में बीते तीन दिनों से प्रार्थना चल रही है। यहां के पादरी निकोलस क्रेगल जो सात वर्ष तक रूस में रहने के बाद हाल ही में अलास्का आए हैं, उन्होंने कहा कि 'यह संघर्ष पीड़ादायक है।' उन्होंने कहा, 'हमें उम्मीद है कि इस बैठक से कुछ निकलेगा...इस संघर्ष का अंत होगा।'

बैठक में जेलेंस्की को भी होना चाहिए था-क्रेसली

अलास्का शहर में रहने वाले डॉन क्रेसली ने कहा कि उनका मानना है कि इस समिट का आयोजन अच्छी बात है। यहां जेलेंस्की को भी होना चाहिए था। क्रेसली ने आगे कहा कि इस युद्ध को खत्म कराने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप 'बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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