दुनिया

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का दौर जारी; फिर एक हिंदू की गोली मारकर हत्या, इस महीने यह तीसरी घटना

मयमनसिंह के भालुका उपजिला में अंसार सदस्य बजेन्द्र बिस्वास (40) की उसके साथी ने गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी अंसार सदस्य नोमान मिया को गिरफ्तार कर लिया गया है।

Unrest in Bangladesh

बांग्लादेश में फिर एक हिंदू की गोली मारकर हत्या

Photo : PTI

बांग्लादेश में जारी हिंसा की आग हर बीतते दिन के साथ और भड़कती जा रही है। अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की खबरें थमती नहीं दिख रही हैं। अब एक बार फिर मयमनसिंह के भालुका उपजिला में कुछ ऐसा ही हुआ। बताया जा रहा है कि यहां एक फैक्ट्री में सिक्योरिटी की जिम्मेदारी संभाल रहे एक हिंदू वर्कर को उसी के साथी ने गोली मार दी। इस महीने किसी हिंदू की हत्या की यह तीसरी घटना है।

पुलिस का है ये दावा

मयमनसिंह जिले में हुई इस घटना को लेकर पुलिस ने भी जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक, ब्रिजेंद्र बिस्वास एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करता था। सोमवार शाम को उसके सहकर्मी द्वारा कथित तौर पर गलती से चली गोली से उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि यह घटना भालुका उपजिला के मेहराबाड़ी इलाके में स्थित सुल्ताना स्वेटर्स लिमिटेड में सोमवार, 29 दिसंबर की शाम करीब 6:45 बजे हुई। कामकाज के दौरान फैक्टरी में मौजूद हथियार से अचानक गोली चल गई,जो वहां तैनात सुरक्षा कर्मी बजेंद्र बिस्वास को जा लगी।

गोली लगते ही फैक्टरी में अफरा-तफरी मच गई। सहकर्मियों ने गंभीर रूप से घायल बजेंद्र बिस्वास को तुरंत अस्पताल पहुंचाया,लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक बजेंद्र बिस्वास सिलहट सदर के कादिरपुर गांव के निवासी थे और फैक्टरी में सुरक्षा व्यवस्था के लिए अंसार सदस्य के तौर पर तैनात थे।

आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 22 वर्षीय नोमान मियां को गिरफ्तार कर लिया है,जिस पर गोली चलने की घटना के लिए जिम्मेदार होने का आरोप है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है।हम यह पता लगा रहे हैं कि यह घटना अनजाने में ही हुई है, या हत्या की गई है।

उस्मान हादी की मौत के बाद हिंसा का नया दौर शुरू

गौरतलब है कि बांग्लादेश में भारत विरोधी उस्मान हादी की मौत के बाद से हिंसा का नया दौर शुरू हो गया है। इससे पहले, शनिवार को राजबारी जिले में एक हिंदू शख्स अमृत मंडल की हत्या कर दी गई थी। उससे पहले मयमनसिंह के भालुका में ही दीपू चंद्र दास की बड़ी नृशंसता से हत्या कर दी गई थी।

बांग्लादेश में यूनुस प्रशासन पर कट्टरपंथी समूहों का प्रभाव: रिपोर्ट

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस कथित तौर पर कट्टर इस्लामी एजेंडों को बढ़ावा दे रहे हैं या उन्हें सक्षम बना रहे हैं। सरकार में मंत्री और अधिकारी ऐसे चरमपंथी समूहों जैसे जमात-ए-इस्लामी और हिज्ब-उत-तहरीर के प्रभाव में काम कर रहे हैं। बीते दिन आई एक रिपोर्ट में ये दावा किया गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कट्टरपंथी मंच ‘इंक़िलाब मंच’ के प्रवक्ता शरिफ उस्मान हादी की हत्या ने यूनुस नेतृत्व वाली सरकार की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार को इस घटना से लाभ होने की आशंका जताई जा रही है और सवाल उठता है कि आने वाले महीनों में बांग्लादेश में और कितनी जानें जा सकती हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 11 दिसंबर को मुहम्मद यूनुस प्रशासन ने 12 फरवरी, 2026 को होने वाले चुनाव का कार्यक्रम घोषित किया। इसके तुरंत बाद हादी ने धाका-8 सीट से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की। अगले ही दिन, दिनदहाड़े एक मोटरसाइकिल सवार हमलावर ने उन्हें सिर में गोली मार दी।

रिपोर्ट में कहा गया कि जेलें बुजुर्ग कैदियों से भरी हैं और न्यायालय कार्यकारी निर्देशों के तहत काम कर रहे हैं, केवल आदेश मिलने पर ही जमानत दी जा रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि आरोपित डकैत को जमानत कैसे मिल सकती है।

यूनुस प्रशासन ने सैकड़ों आतंकियों के मामले में जमानत दी या आरोप वापस ले लिए हैं, जिससे रिपोर्ट में सवाल किया गया कि क्या हमलावर उसी समूह का हिस्सा था,जिस पर अंतरिम सरकार भरोसा करती थी।

शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

End of Article