Imran Khan : मुश्किल घड़ी में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अकेले पड़ते जा रहे हैं। पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) के बड़े एवं उनकी करीबी नेता एक-एक कर उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं। इमरान की गिरफ्तारी के बाद देश भर में हुए उग्र एवं हिंसक प्रदर्शनों के बाद करीब दर्जन भर नेताओं ने पीटीआई छोड़ दी है। इन सभी नेताओं ने पार्टी छोड़ने के अलग-अलग कारण गिनाए हैं।
शिरीन मजारी ने पीटीआई छोड़ी
मंगलवार को पीटीआई की प्रमुख नेता एवं इमरान सरकार में मंत्री रहीं शिरीन मजारी ने पीटीआई छोड़ दी। वहीं, अपने नेताओं के पार्टी छोड़ने पर इमरान खान शहबाज सरकार पर हमला बोला है। इमरान का कहना है कि पीटीआई छोड़ने के लिए उनके नेताओं पर दबाव बनाया जा रहा है।
उपद्रवियों पर नकेल कस रही शहबाज सरकार
रिपोर्टों की मानें तो इमरान की गिरफ्तारी के बाद देश भर हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद शहबाज सरकार ने उपद्रवियों पर नकेल कसना शुरू कर दिया है। उपद्रवियों को पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सेना एवं सरकार दोनों प्रदर्शनकारियों को कानून के दायरे में लाने के लिए कदम उठा रही हैं। बताया जा रहा है कि पीटीआई के करीब 2000 समर्थकों की पहचान की गई है जो हिंसा में शामिल रहे हैं।
रिहा होने के बाद फिर गिरफ्तार हुए कुरैशी
पीटीआई को आतंकवादी संगठन घोषित कर उस पर प्रतिबंध लगाने की भी बात चल रही है। मंगलवार को इमरान सरकार के विदेश मंत्री रहे शाह महमूद कुरैशी को रिहा होने के बाद फिर से गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारों का मानना है कि सरकार एवं सेना के कड़े तेवरों के बाद पीटीआई के नेता डरे हुए हैं और उनके पार्टी छोड़ने की एक प्रमुख वजह यह भी है।
ये नेता छोड़ चुके हैं PTI
पीटीआई छोड़ने वाले नेताओं में फयाजुल हसन चौहान, अब्दुल रज्जाक खान नियाजी, शिरीन मजारी, मखदूम इफ्तिखारूल हसन गिलानी, ख्वाजा कुतब फरीद कोरेजा, आमिर महमूद कियानी, चौधरी वजाहत हुसैन, आफताब सिद्दिकी, सईद जुल्फिकार अली शाह और उस्मान ताराकई शामिल हैं। पीटीआई छोड़ने के बाद मजारी ने कहा, 'आज के बाद मैं पीटीआई या किसी अन्य राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं रहूंगी।'
