Mega tsunami hit ancient Britain: सालों की बहस के बाद, वैज्ञानिकों ने आखिरकार यह साबित कर दिया है कि यॉर्कशायर (Yorkshire) तट के पास हुई एक ब्रह्मांडीय टक्कर की वजह से, प्राचीन उत्तरी सागर में बिग बेन (Big Ben) से भी ऊंची एक विशाल सुनामी लहर उठी थी।
शोधकर्ताओं के अनुसार, लगभग 4 करोड़ साल पहले, 160 मीटर चौड़ा एक क्षुद्रग्रह (asteroid) दक्षिणी उत्तरी सागर से टकराया था। इस टक्कर से समुद्र तल पर एक छिपा हुआ गड्ढा बन गया, जिससे 100 मीटर (330 फीट) से भी ज्यादा ऊंची एक लहर पैदा हुई। यह ऊंचाई, लंदन के मशहूर लैंडमार्क बिग बेन की ऊंचाई से भी दोगुनी से ज्यादा है।
'नेचर कम्युनिकेशंस' में प्रकाशित एक स्टडी ने सिल्वरपिट संरचना को लेकर सालों से चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। यह संरचना समुद्र तल से 700 मीटर नीचे और हल (Hull) के तट से लगभग 80 मील दूर दबी हुई है।
साल 2002 में, सिल्वरपिट के खास 'बुलसाई' पैटर्न का पहली बार पता चला था। तब से, विशेषज्ञ इस बात पर बंटे हुए थे कि क्या यह किसी एस्टेरॉयड के टकराने से बना था, या जमीन के नीचे मौजूद नमक के जमाव में बदलाव के कारण, या फिर किसी ज्वालामुखी के ढहने से। यहां तक कि 2009 में भी, वैज्ञानिकों के एक समूह ने इसे एस्टेरॉयड से जुड़ा मानने से इनकार कर दिया था।
कैसे साबित हुआ- सुनामी एस्टेरॉयड से टकराव से उठी?
हेरियट-वाट यूनिवर्सिटी के डॉ. उइसडीन निकोलसन के नेतृत्व में की गई इस नई जाँच में, अत्याधुनिक सिस्मिक इमेजिंग तकनीक को समुद्र में मौजूद एक तेल के कुएं से लिए गए नमूनों के साथ मिलाकर, बेहद दुर्लभ 'शॉक्ड' क्वार्ट्ज और फेल्डस्पार का पता लगाया गया है। ये ऐसे सूक्ष्म क्रिस्टल हैं जो केवल एस्टेरॉयड के जोरदार टकराव से ही बन सकते हैं।
इस शोध से पता चला कि एस्टेरॉयड पश्चिम दिशा से एक कम कोण पर जोरदार तरीके से टकराया था, जिससे कुछ ही मिनटों के भीतर समुद्र के पानी और टूटी हुई चट्टानों की 1.5 किलोमीटर ऊंची एक विशाल दीवार सी खड़ी हो गई थी। सिल्वरपिट संरचना को अब पृथ्वी पर मौजूद सबसे अच्छी तरह से संरक्षित 'इम्पैक्ट क्रेटर' (टकराव से बने गड्ढों) में से एक माना जाता है।
