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क्यों और कैसे 4 करोड़ साल पहले उठी थी 330 फुट ऊंची सुनामी? वैज्ञानिकों ने एस्टेरॉयड के उत्तरी सागर पर जबरदस्त टकराव को सही माना

Asteroid strike off Yorkshire: लगभग 4 करोड़ साल पहले, 160 मीटर चौड़ा एक क्षुद्रग्रह (asteroid) दक्षिणी उत्तरी सागर से टकराया था। इस टक्कर से समुद्र तल पर एक छिपा हुआ गड्ढा बन गया, जिससे 100 मीटर (330 फीट) से भी ज्यादा ऊंची एक लहर पैदा हुई।

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बड़े एस्टेरॉयड के उत्तरी सागर पर यॉर्कशायर से टकराने से उठी थी 330 फुट ऊंची सुनामी (प्रतीकात्मक फोटो-Freepik)

Mega tsunami hit ancient Britain: सालों की बहस के बाद, वैज्ञानिकों ने आखिरकार यह साबित कर दिया है कि यॉर्कशायर (Yorkshire) तट के पास हुई एक ब्रह्मांडीय टक्कर की वजह से, प्राचीन उत्तरी सागर में बिग बेन (Big Ben) से भी ऊंची एक विशाल सुनामी लहर उठी थी।

शोधकर्ताओं के अनुसार, लगभग 4 करोड़ साल पहले, 160 मीटर चौड़ा एक क्षुद्रग्रह (asteroid) दक्षिणी उत्तरी सागर से टकराया था। इस टक्कर से समुद्र तल पर एक छिपा हुआ गड्ढा बन गया, जिससे 100 मीटर (330 फीट) से भी ज्यादा ऊंची एक लहर पैदा हुई। यह ऊंचाई, लंदन के मशहूर लैंडमार्क बिग बेन की ऊंचाई से भी दोगुनी से ज्यादा है।

'नेचर कम्युनिकेशंस' में प्रकाशित एक स्टडी ने सिल्वरपिट संरचना को लेकर सालों से चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया है। यह संरचना समुद्र तल से 700 मीटर नीचे और हल (Hull) के तट से लगभग 80 मील दूर दबी हुई है।

साल 2002 में, सिल्वरपिट के खास 'बुलसाई' पैटर्न का पहली बार पता चला था। तब से, विशेषज्ञ इस बात पर बंटे हुए थे कि क्या यह किसी एस्टेरॉयड के टकराने से बना था, या जमीन के नीचे मौजूद नमक के जमाव में बदलाव के कारण, या फिर किसी ज्वालामुखी के ढहने से। यहां तक कि 2009 में भी, वैज्ञानिकों के एक समूह ने इसे एस्टेरॉयड से जुड़ा मानने से इनकार कर दिया था।

कैसे साबित हुआ- सुनामी एस्टेरॉयड से टकराव से उठी?

हेरियट-वाट यूनिवर्सिटी के डॉ. उइसडीन निकोलसन के नेतृत्व में की गई इस नई जाँच में, अत्याधुनिक सिस्मिक इमेजिंग तकनीक को समुद्र में मौजूद एक तेल के कुएं से लिए गए नमूनों के साथ मिलाकर, बेहद दुर्लभ 'शॉक्ड' क्वार्ट्ज और फेल्डस्पार का पता लगाया गया है। ये ऐसे सूक्ष्म क्रिस्टल हैं जो केवल एस्टेरॉयड के जोरदार टकराव से ही बन सकते हैं।

इस शोध से पता चला कि एस्टेरॉयड पश्चिम दिशा से एक कम कोण पर जोरदार तरीके से टकराया था, जिससे कुछ ही मिनटों के भीतर समुद्र के पानी और टूटी हुई चट्टानों की 1.5 किलोमीटर ऊंची एक विशाल दीवार सी खड़ी हो गई थी। सिल्वरपिट संरचना को अब पृथ्वी पर मौजूद सबसे अच्छी तरह से संरक्षित 'इम्पैक्ट क्रेटर' (टकराव से बने गड्ढों) में से एक माना जाता है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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