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Asian Games Boxing: भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल फाइनल में पहुंचे, गोल्ड या सिल्वर पक्का

Indian boxers Parveen Hudda And Ankush Panghal Qualify For Finals: बॉक्सिंग में भारतीय मुक्केबाजों से एशियन गेम्स में कई पदकों की उम्मीद की जा रही है। मंगलवार को परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपने-अपने भार वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है, यानी गोल्ड या सिल्वर मेडल पक्का है। वहीं, नरेंद्र बरवाल 90+ किग्रा भार वर्ग में हार गए, हालांकि उनके खाते में भी कांस्य पदक आएगा।

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परवीन और अंकुश ने एशियन गेम्स बॉक्सिंग फाइनल में जगह बनाई (X/SAIMedia)

Asian Games Boxing: भारतीय मुक्केबाज परवीन हुड्डा और अंकुश पंघाल ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए मंगलवार को यहां एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में अपने-अपने भार वर्ग में जीत हासिल करके स्वर्ण पदक के मुकाबलों में प्रवेश किया। परवीन ने 65 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में चीन के ली शू को 5-0 से हराया। इसके बाद अंकुश ने 80 किलोग्राम वर्ग पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान के फजलुद्दीन एरकिनबोएव को 4-1 से हराया। एरकिनबोएव 75 किलोग्राम भार वर्ग में मौजूदा विश्व चैंपियन हैं।

परवीन का पिछले एशियाई खेलों में जीता गया कांस्य पदक अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) द्वारा 22 महीने के निलंबन के बाद छीन लिया गया था। परवीन पर यह कार्रवाई अपने ठिकाने की जानकारी (व्हेयरअबाउट्स) से जुड़ी विफलता के कारण हुई थी। अब उन्होंने हांगझोउ में अपने प्रदर्शन से आगे निकलते हुए एशियाई खेलों में कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया है।

वह दिग्गज एमसी मैरी कॉम (जिन्होंने 2014 में खिताब जीता था) और लवलीना बोरगोहेन (जिन्होंने पिछले खेलों में रजत पदक जीता था) के बाद एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय महिला मुक्केबाज भी बन गई हैं। भारतीय मुक्केबाजों ने पिछले एशियाई खेलों की तुलना में अपना बेहतर प्रदर्शन कर लिया है। पिछली बार उसने चार पदक जीते थे लेकिन यहां छह मुक्केबाजों ने पदक राउंड में प्रवेश किया है।

नरेंद्र बरवाल हारे, कांस्य पदक

90kg भार वर्ग में नरेंद्र बरवाल ने पहला राउंड 5-0 से गंवाया। दूसरे राउंड में उन पर दवाब ज्यादा बढ़ गया, जिससे भारतीय बॉक्सर को दूसरे राउंड में जबरदस्त वापसी की जरूरत पड़ गई। हालांकि, वह दूसरे राउंड में भी वापसी नहीं कर पाए। ओरलबे ने दूसरा राउंड भी 5-0 से जीता और दो राउंड के बाद जजों के स्कोरकार्ड पर 10-0 की बढ़त बना ली। तीसरे राउंड को जीतने के लिए उन्हें कुछ अलग करना था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए और तीसरा राउंड भी 5-0 से गंवा गंवा दिया। नरेंद्र फाइनल में जगह बनाने से चूक गए, लेकिन उन्होंने अपना एशियन गेम्स का ब्रान्ज मेडल रिटेन किया है। नरेंद्र ने साल 2022 एशियन गेम्स में ब्रान्ज मेडल जीता था।

(भाषा इनपुट के साथ)

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

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