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अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश में कहीं नस्लीय नफरत का एंगल तो नहीं? US के 105 सांसदों ने FBI से मांगा जवाब

अमेरिका के इलिनॉय में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश के बाद 105 अमेरिकी सांसदों ने एफबीआई निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर संघीय और हेट क्राइम जांच की मांग की है।

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अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश को लेकर हंगामा (फोटो- AP)

अमेरिका के इलिनॉय में हिंदू मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश के बाद भारतीय-अमेरिकी समुदाय की सुरक्षा का मुद्दा अमेरिकी संसद तक पहुंच गया है। 20 अक्टूबर 2026 को 105 अमेरिकी सांसदों ने FBI निदेशक काश पटेल को पत्र लिखकर मामले की संघीय स्तर पर जांच और संभावित हेट क्राइम के पहलू की पड़ताल करने की मांग की है। सांसदों ने ऑनलाइन नफरत, नस्लीय भेदभाव और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वाली धमकियों पर भी चिंता जताई है।

29 अक्टूबर तक जवाब की मांग

सांसदों ने FBI से पूछा है कि क्या ऑरोरा के श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश की जांच नस्लीय और धार्मिक नफरत से प्रेरित अपराध के रूप में की जा रही है। पत्र पर राजा कृष्णमूर्ति, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना, अमी बेरा और श्री थानेदार समेत कई सांसदों के हस्ताक्षर हैं। सांसदों ने 29 अक्टूबर 2026 तक लिखित जवाब देने का अनुरोध किया है, बशर्ते जांच की गोपनीयता इसकी अनुमति दे।

सांसदों की पांच प्रमुख मांगें

सांसद चाहते हैं कि FBI स्पष्ट करे कि मामले में संभावित हेट क्राइम की जांच हो रही है या नहीं और क्या न्याय विभाग के नागरिक अधिकार प्रभाग के साथ समन्वय किया जा रहा है। वे यह भी जानना चाहते हैं कि आरोपी ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए धमकियां दीं, संभावित निशाने चुने या किसी अन्य व्यक्ति से मदद ली थी या नहीं।

इसके अलावा, FBI से भारतीय-अमेरिकी, हिंदू-अमेरिकी, सिख और अन्य दक्षिण एशियाई समुदायों को निशाना बनाने वाली विश्वसनीय ऑनलाइन धमकियों की पहचान करने की रणनीति पूछी गई है। सांसदों ने धार्मिक स्थलों के साथ खतरे की जानकारी साझा करने, उन्हें सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने और जांच के लिए FBI के पास पर्याप्त अधिकारी, भाषा विशेषज्ञ व विश्लेषण क्षमता होने पर भी सवाल उठाए हैं।

ऑनलाइन नफरत और नस्लीय भेदभाव पर चिंता

पत्र में सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट की सितंबर 2026 की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। इसके मुताबिक, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच X पर दक्षिण एशियाई समुदायों के खिलाफ 5.42 लाख से अधिक नफरत भरी पोस्ट दर्ज की गईं। मासिक संख्या जनवरी 2024 में 12,904 से बढ़कर जून 2026 में 43,843 हो गई।

कार्नेगी एंडोमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के 2026 सर्वेक्षण के अनुसार, 48 प्रतिशत भारतीय-अमेरिकी प्रतिभागियों ने बताया कि 2025 की शुरुआत से उन्हें भारतीयों या भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाने वाली नस्लवादी पोस्ट अक्सर या कभी-कभी दिखीं। लगभग हर चार में से एक प्रतिभागी ने नस्लीय गाली सुने जाने की बात कही।

सांसदों ने अमेरिकी प्रशासन के कुछ सोशल मीडिया संदेशों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ऐसे संदेश किसी पूरे समुदाय के प्रति नकारात्मक धारणाओं को बढ़ावा दे सकते हैं। हालांकि, पत्र में इन संदेशों और मंदिर पर कथित साजिश के बीच किसी सीधे संबंध का दावा नहीं किया गया है।

ऑरोरा मंदिर की कथित साजिश क्या है?

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों और सांसदों के पत्र के मुताबिक, 11 अक्टूबर 2026 को इलिनॉय के पैलेटाइन निवासी 19 वर्षीय अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस कथित तौर पर ऑरोरा के हिंदू मंदिर में सामूहिक गोलीबारी करने पहुंचा था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, राइफल में खराबी आने के बाद वह वहां से भाग गया। उसे उसी दिन गिरफ्तार किया गया।

जांचकर्ताओं के मुताबिक, आरोपी के पास से राइफल, सैकड़ों कारतूस और बॉडी आर्मर बरामद किए गए। उसके आठ पन्नों के कथित घोषणापत्र में श्वेत वर्चस्ववादी विचार और भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ हिंसा का उल्लेख होने का आरोप है। आरोपी पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं। मामले में नस्लीय और धार्मिक नफरत की भूमिका की जांच की मांग की गई है। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होना बाकी है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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