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US: हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश में आया निओ-नाजी कनेक्शन, ट्रांसजेंडर आरोपी ने की थी 2 साल से शूटिंग की तैयारी

रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस ने हिंदू मंदिर में हमले की तैयारी पिछले दो साल से की थी। वह अपनी इस नापाक साजिश को करीब दो महीने बाद अंजाम देने वाला था लेकिन इसके पहले उसकी साजिश का भंडाफोड़ हो गया।

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अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की साजिश नाकाम।

Hindu temple in Aurora: अमेरिका के ऑरोरा स्थित हिंदू मंदिर में गोलीबारी की साजिश मामले में नई बातें सामने आई हैं। द न्यूयॉर्ट टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले का साजिश रचने वाला 19 साल का आरोपी ट्रांसजेंडर और निओ-नाजी है। उसने खुद को 'एक गोरा सुप्रिमासिस्ट' बताया है। यही नहीं, रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस ने हिंदू मंदिर में हमले की तैयारी पिछले दो साल से की थी। वह अपनी इस नापाक साजिश को करीब दो महीने बाद अंजाम देने वाला था लेकिन इसके पहले उसकी साजिश का भंडाफोड़ हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक बीते 11 अक्टूबर को उसने अपनी कार से एक व्यक्ति को गोली मारने का प्रयास किया लेकिन उसी वक्त उसकी AR राइफल जाम हो गई। ऑरोरा शिकागो से करीब 64 किलोमीटर दूर है।

पिछले दो साल से बना रहा था हमले की योजना

रिपोर्ट के अनुसार, पापोराकिस टैको बेल में कैशियर के रूप में काम करता था। उसने अपने एक सहकर्मी को बताया था कि वह पिछले दो साल से हमले की योजना बना रहा था और हाल के महीनों में एक खास लक्ष्य की तलाश कर रहा था। अदालती दस्तावेजों में कहा गया कि कॉलेज में पढ़ने वाले एक सामान्य कामकाजी युवक की उसकी बाहरी छवि दरअसल नफरत और सामूहिक हत्याओं की बार-बार आने वाली कल्पनाओं को छिपाने का एक दिखावा थी।

'अन्य नस्लों पर करता था अपमानजनक टिप्पणी'

द न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा उद्धृत अदालती रिकॉर्ड के अनुसार पापोराकिस ने खुद को 'समाज-विरोधी व्यक्तित्व वाला श्वेत वर्चस्ववादी नव-नाजी, जो नफरत से भरा हुआ है और लगभग हर दिन सामूहिक हत्या की कल्पना करता है, बताया था।' अभियोजकों ने कहा कि वह नियमित रूप से अन्य नस्लों के लोगों के बारे में अपमानजनक टिप्पणियां करता था, खासकर भारतीयों को निशाना बनाता था। घोषणापत्र में उसने गैर-श्वेत लोगों को 'अमानव' बताया था। अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, इस दस्तावेज में अधिक से अधिक लोगों की हत्या करने की योजना का भी उल्लेख था।

कैसे नाकाम हुई गोलीबारी की साजिश?

अभियोजकों के अनुसार, 11 अक्टूबर को पापोराकिस एआर-स्टाइल राइफल लेकर उस इलाके में पहुंचा, जहां उसने हमले को अंजाम देने की योजना बनाई थी। जब उसने कार के अंदर से एक व्यक्ति पर गोली चलाने की कोशिश की, तो हथियार जाम हो गया। अभियोजकों ने बताया कि बाद में पापोराकिस ने आर्लिंगटन हाइट्स स्थित टैको बेल आउटलेट में काम करने वाले अपने एक सहकर्मी को संदेश भेजा। उसने लिखा कि उस व्यक्ति को 'आज उसके भगवान ने निश्चित रूप से बचा लिया।' उसने एक अन्य सहकर्मी को भी मैसेज किया कि उसकी राइफल जाम हो गई थी और उसे ठीक करने के बाद वह 'दोबारा कोशिश करेगा।'

श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर था निशाना!

अभियोजकों के मुताबिक, पापोराकिस ने अपने एक सहकर्मी से कहा था कि यह दिन 'खास होने वाला है।' नियोजित हमले से पहले वह लगातार अधिक उत्तेजित और बेचैन होता जा रहा था। उसके दो सहकर्मियों ने आपातकालीन सेवाओं को इसकी सूचना दी। इसके बाद अधिकारियों ने उसे पैलेटाइन स्थित एक अपार्टमेंट परिसर की पार्किंग में पाया। अदालती दस्तावेजों के अनुसार, उसके आवास की तलाशी में एक राइफल, कई मैगजीन, लगभग 300 राउंड गोलियां, पेट्रोल का एक कैन और नाजी प्रतीक वाली वस्तुएं बरामद हुईं। जांचकर्ताओं का मानना है कि उसका संभावित निशाना श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर हो सकता था, जो ऑरोरा में स्थित हिंदुओं का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। हालांकि, हमले के लिए चुने गए सटीक स्थान की अभी तक निर्णायक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन द न्यूयॉर्क टाइम्स से मंदिर की एक रिसेप्शनिस्ट ने कहा कि श्री वेंकटेश्वर बालाजी मंदिर ही हमले का नियोजित लक्ष्य था।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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