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VIDEO: नदी साफ की, कूड़ेदान लगाए, फिर भी नहीं सुधरे लोग, अब डस्टबीन चोरी से निराश हुए बिट्टू तबाही

बिट्टू तबाही ने राजगढ़ की अजनार नदी को साफ करने के बाद लोगों की सुविधा के लिए दो कूड़ेदान रखे थे। अब एक कूड़ेदान गायब है और नदी किनारे फिर कचरा जमा होने लगा है।

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कूड़ेदान चोरी के बाद टूटा बिट्टू का दिल (Instagram/@bittu_tabahi)

सोचिए, कोई इंसान महीनों तक मेहनत करके नदी से कचरा साफ करे। फिर नदी को दोबारा गंदा होने से बचाने के लिए वहां कूड़ेदान भी रखे, लेकिन कुछ दिन बाद वही कूड़ेदान गायब हो जाए। यह देखकर किसी को भी दुख होगा। ऐसा ही कुछ सोशल मीडिया पर सफाई मुहिम चलाने वाले बिट्टू तबाही के साथ हुआ है। मध्य प्रदेश के राजगढ़ की अजनार नदी को साफ करने में जुटे बिट्टू अब एक नई परेशानी से जूझ रहे हैं। उनकी मेहनत से साफ हुई नदी के किनारे फिर कचरा जमा होने लगा है। ऊपर से लोगों की सुविधा के लिए रखा गया एक कूड़ेदान भी गायब हो गया।

नदी साफ करने के बाद रखे थे दो कूड़ेदान

बिट्टू तबाही सोशल मीडिया (Social Media) पर अपनी सफाई मुहिम के लिए जाने जाते हैं। वह नदियों और आसपास की जगहों पर फैले कचरे को हटाने के लिए लगातार प्रयास करते रहते हैं। राजगढ़ की अजनार नदी को साफ करने के लिए भी उन्होंने काफी मेहनत की थी। नदी की सफाई के बाद बिट्टू ने सोचा कि सिर्फ कचरा हटाने से काम नहीं चलेगा। अगर लोग दोबारा नदी में कचरा फेंकने लगे, तो सारी मेहनत बेकार हो सकती है। इसलिए उन्होंने नदी के किनारे एक पेड़ के पास दो कूड़ेदान रख दिए। उनका मकसद साफ था। लोग प्लास्टिक की थैलियां और दूसरा कचरा नदी में फेंकने के बजाय इन कूड़ेदानों में डाल सकें। इससे नदी को साफ रखने में मदद मिल सकती थी।

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वापस पहुंचे तो एक कूड़ेदान गायब मिला

बिट्टू ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर एक वीडियो (Video) शेयर किया। इसमें वह अजनार नदी के किनारे की हालत दिखाते नजर आए। वीडियो में नदी के आसपास प्लास्टिक की थैलियां और दूसरे तरह का कचरा दिखाई दे रहा है। बिट्टू को उम्मीद थी कि कूड़ेदान रखने से लोग नदी में कचरा डालने से बचेंगे। लेकिन जब वह दोबारा वहां पहुंचे, तो दोनों में से एक कूड़ेदान गायब था। उनकी इस परेशानी ने लोगों का ध्यान खींचा है।

'ये अपने लिए नहीं, जनता के लिए रखे थे'

बिट्टू ने वीडियो (Video) में साफ किया कि उन्होंने कूड़ेदान अपने इस्तेमाल के लिए नहीं रखे थे। इन्हें आम लोगों की सुविधा के लिए लगाया गया था, ताकि हर किसी को कचरा डालने की सही जगह मिल सके। उन्होंने अपने वीडियो के साथ लिखा कि जनता की सुविधा के लिए रखे गए ड्रम भी चोरी हो गए। महीनों की मेहनत से नदी साफ करने के बाद दोबारा कचरा जमा होना और फिर कूड़ेदान का गायब हो जाना उनके लिए निराश करने वाला है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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