Gold-Silver Prices : देश के सर्राफा बाजार में इस हफ्ते बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में लगातार सुस्ती देखने को मिल रही है। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की मजबूती और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते बुधवार को सोना और चांदी दोनों ही बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। घरेलू स्तर पर पिछले कुछ दिनों में निवेशकों की बिकवाली और कमजोर हाजिर मांग के कारण सोने और चांदी की चमक फीकी पड़ी है, जिससे इनकी कीमतें एक हफ्ते के निचले स्तर पर आ गई हैं। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों (9 अक्टूबर) से अब तक कुल मिलाकर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में 3,600 रुपये और चांदी में भारी-भरकम 7,500 रुपये की गिरावट आ चुकी है।
सोने की कीमतों में लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट
दिल्ली सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों (Gold Price) में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता यानी 24 कैरेट वाला सोना 1,800 रुपये की भारी गिरावट के साथ 1,50,800 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) पर आ गया। इससे पिछले कारोबारी दिन मंगलवार को सोने का बंद भाव 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर सोना कमजोरी के साथ कारोबार कर रहा था। वैश्विक स्तर पर हाजिर सोना 20.51 डॉलर यानी 0.49 प्रतिशत टूटकर 4,140.69 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।
वायदा कारोबार का हाल देखें तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर माह में आपूर्ति वाले कॉन्ट्रैक्ट का भाव 478 रुपये यानी 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,47,972 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। जानकारों के मुताबिक, कमजोर हाजिर मांग के बीच सटोरियों और कारोबारियों द्वारा अपने सौदों का आकार घटाने से वायदा कीमतों पर भी असर पड़ा। न्यूयॉर्क में वैश्विक स्तर पर वायदा कारोबार में सोना 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,148.84 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। लेकिन आज गुरुवार को कीमतें फिर बढ़ने लगी। कारोबार के शुरुआती घंटों में MCX पर 1.03% बढ़कर यानी 1507 रुपये तेजी के साथ 1,47,355 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया। पिछले कारोबारी दिन 1,45,848 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
चांदी में भी भारी सुस्ती, तीन महीने के निचले स्तर पर वैश्विक भाव
सोने की तरह चांदी की कीमतों (silver price) में भी तेज गिरावट का दौर जारी रहा। दिल्ली सर्राफा बाजार में चांदी का भाव पिछले बंद स्तर 2,26,000 रुपये प्रति किलो से 5,000 रुपये लुढ़ककर 2,21,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स समेत) रह गया। घरेलू वायदा बाजार में भी चांदी सुस्त नजर आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर दिसंबर महीने में डिलीवरी वाले चांदी के कॉन्ट्रैट की कीमत गुरुवार सुबह तक 2,08,802 प्रति किलो रह गई। वैश्विक बाजारों में चांदी की स्थिति और कमजोर रही। हाजिर चांदी का भाव एक प्रतिशत से अधिक टूटकर 58.49 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जो करीब तीन महीने का सबसे निचला स्तर है। इससे पहले 27 जुलाई को चांदी का भाव इसी के आसपास यानी 58.40 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया था। वहीं, न्यूयॉर्क के वायदा बाजार में चांदी 0.66 प्रतिशत की हानि के साथ 58.76 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।
कीमतों में गिरावट के पीछे क्या हैं मुख्य कारण?
बाजार एक्सपर्ट्स और कारोबारियों के अनुसार, कीमती धातुओं की कीमतों में इस गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं। रुपये में मजबूती और वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेत। न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक एचडीएफसी सिक्योरिटीज में जिंस मामलों के वरिष्ठ विश्लेषक सौमिल गांधी के अनुसार, घरेलू बाजार में वैश्विक संकेतों के सुस्त रहने और रुपये के मजबूत होने से कीमतों पर लगातार दबाव बना हुआ है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया मजबूत होता है, तो डॉलर के मुकाबले अन्य मुद्राओं की स्थिति बदलती है। बुधवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे की मजबूती के साथ 95.17 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र था जब रुपये में तेजी दर्ज की गई।
रुपये में आई इस तेजी के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का अहम हस्तक्षेप रहा। केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की निकट अवधि की मांग को कम करने और सट्टेबाजी के जोखिम को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए, जिससे रुपये को आवश्यक समर्थन मिला।
रुपये के मजबूत होने से देश में डॉलर मूल्य वाली सोने और चांदी जैसी बहुमूल्य धातुओं का आयात कुछ हद तक सस्ता हो जाता है, जिसका सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार की कीमतों पर पड़ता है। बाजार के जानकारों का मानना है कि फिलहाल निवेशक अंतरराष्ट्रीय बाजार के उतार-चढ़ाव और घरेलू मांग के रुख पर पैनी नजर बनाए हुए हैं, जिसके चलते आने वाले दिनों में बाजार की चाल इन्हीं कारकों पर निर्भर करेगी।
