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OMG: अंधेरी रात, अकेली महिला और सिगरेट का पैकेट...48 साल बाद इस तरह सुलझी हत्या की गुत्थी

Ajab Gajab News: यूएसए के कैलिफोर्निया से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबको चौंका दिया है। तकरीबन 48 साल बाद सिगरेट के पैकेट के जरिए एक मर्डर मिस्ट्री को सुलझाया गया है। जिस तरह टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके इस केस को सॉल्व किया गया है, उसके बारे में जानकर आप भी दंग रह जाएंगे।

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48 साल बाद सुलझी हत्य़ा की गुत्थी (Ai Generated)

KEY HIGHLIGHTS
  • कैलिफोर्निया से सामने आया अनोखा माला
  • 48 साल बाद सुलझी हत्या की गुत्थी
  • केस को सुलझान में सिगरेट के पैकेट ने किया कमाल

Ajab Gajab News: बहुत पुरानी कहावत है गुनहगार कितनी ही शातिर क्यों ना हो, आखिरकार, कानून के हाथ उस तक जरूर पहुंच जाते हैं। मतलब ये हुआ कि अपराधी कितना भी चालाक क्यों ना हो, उसे कानून से बचने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। कुछ ऐसा ही हुआ है यूएसए के कैलिफोर्निया में, जहां 48 साल बाद एक महिला की हत्या की गुत्थी को सुलझाया गया है, वो भी एक सिगरेट के पैकेट जरिए। सुनकर भले ही आपको हैरानी हो रही होगी, लेकिन यह सच है। तो आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला?

48 साल पहले की घटना

AP की रिपोर्ट के अनुसार, 31 जनवरी 1977 की रात को 24 साल जेनेट राल्स्टन घर से बाहर निकली थी। जेनेट के साथ विली यूजीन सिम्स नाम का एक आदमी भी था। वहीं, अगली सुबह यानी एक फरवरी को एक बार के पास आवासीय परिसर की पार्किंग में खड़ी कार की पिछली सीट पर राल्स्टन का शव बरामद किया गया था। राल्स्टन के दोस्तों का कहना था कि उसे एक बार में आखिरी बार देखा गया था। जानकारी के मुताबिक, शर्ट से गला घोंटकर राल्स्टन की हत्या की गई थी और उसका यौन उत्पीड़न किया गया। इस बात के भी संकेत मिले हैं कि उसकी कार को आग लगाने की भी कोशिश की गई। पुलिस ने दोस्तों और अन्य गवाहों से पूछताछ की और संदिग्ध का स्केच बनाया, लेकिन जांच ठंडी पड़ गई। हालांकि, पुलिस को पहला शक विली यूजीन सिम्स पर गया। लेकिन, सिम्स सेना में था और फोर्ट ऑर्ड में तैनात था और उसके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं था।

इस तरह सुलझी गुत्थी

जांच के दौरान पुलिस को गाड़ी के पास सिगरेट का एक पैकेट मिला, जिसपर सिम्स के फिंगरप्रिंट्स थे। साल 1978 में शक के आधार पर पुलिस ने सिम्स को गिरफ्तार कर लिया और उसे ढाई महीने की जेल हुई। इसके बाद वो जेल से बाहर निकला और कैलिफोर्निया छोड़कर चला गया। उस समय डीएनए जांच आम नहीं थी और उसका रिकॉर्ड डेटाबेस में नहीं था। पिछले दिनों कानून प्रवर्तन एजेंसी ने एफबीआई की उन्नत प्रणाली के माध्यम से प्रिंट निकलवाया तो राल्स्टन की कार में सिगरेट के डिब्बे पर मिला अंगूठे का निशान सिम्स से मैच हो गया। इस साल की शुरुआत में डिस्ट्रिक अटॉर्नी कार्यालय और सैन जोस पुलिस के अधिकारी सिम्स के ‘डीएनए’ के नमूने एकत्र करने के लिए ओहायो गए थे। अभियोजकों का कहना है कि यह (सिम्स के डीएनए) राल्स्टन के नाखूनों और उसका गला घोंटने के लिए इस्तेमाल की गई शर्ट पर पाए गए डीएनए से मेल खाता है। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने सिम्स को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। 9 मई को उसे सांता क्लारा काउंटी हॉल ऑफ जस्टिस में पेश किया गया। सिम्स के ऊपर हत्या का आरोप लगा है और उसे बिना जमानत के जेल में रखा गया है।

(इनपुट- AP)

Kaushlendra Pathak
कौशलेंद्र पाठकauthor

कौशलेंद्र पाठक टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कार्यरत हैं। मास कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद उनका सफर ग्राउंड रिपोर्टिंग से डिजिटल डेस्क तक फैला, जहां उन्होंने कंटेंट की विविध शैलियों को नजदीक से समझा। अजब-गजब, अनोखी, सोशल और ट्रेंडिंग कंटेंट पर उनकी गहरी पकड़ और तेज न्यूज सेंस ने उन्हें डिजिटल दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई। वायरल सेक्शन के लीड के रूप में कौशलेंद्र का ध्यान हमेशा ऐसे कंटेंट पर रहता है जो रीडर्स को नई, दिलचस्प और अनजानी कहानियों से रूबरू कराए—हर बार कुछ अलग, कुछ नया।

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