बिजनेस

सप्ताह की शुरुआत में बड़ी राहत! Crude Oil 6% सस्ता; अमेरिका-ईरान में बातचीत से जगी उम्मीद

अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन हमले नहीं हुए। होर्मुज से लाल सागर तक शांति बनी हुई है। दोनों देश फिर से बातचीत कर रहे हैं। इसकी वजह से ऑयल मार्केट में उम्मीद जगी है।

Image

क्रूड के दाम लुढ़के

US IRAN WAR : नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत वैश्विक बाजारों के लिए राहतभरी रही। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन भी कोई बड़ा सैन्य हमला नहीं हुआ, जिससे दोनों देशों के बीच बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई। इसका असर सीधे कच्चे तेल के बाजार पर दिखा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें करीब 6% तक गिर गईं। तेल बाजार पिछले कई हफ्तों से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव की वजह से दबाव में था। लेकिन अब युद्धविराम की कोशिशों और बातचीत की खबरों ने निवेशकों की चिंता कुछ कम कर दी है।

क्यों सस्ता हुआ कच्चा तेल?

अमेरिका और ईरान के बीच दो दिनों से हमले रुके हुए हैं। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि फिलहाल बातचीत को मौका दिया जा रहा है। दूसरी ओर ईरान ने भी कहा है कि उसने हाल के दिनों में कोई नया हमला नहीं किया। सोमवार सुबह कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 92.71 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा। यह पिछले बंद भाव 98.38 डॉलर से 5.67 डॉलर यानी 5.77% नीचे था। वहीं अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड 85.23 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो 5.79% की गिरावट दर्शाता है।

कमोडिटीमौजूदा भावबदलाव
ब्रेंट क्रूड92.71 डॉलर/बैरल-5.77%
डब्ल्यूटीआई क्रूड85.23 डॉलर/बैरल-5.79%
सोना4,104.65 डॉलर+1.30%

होर्मुज और लाल सागर में शांति

दुनिया की करीब 30 फीसदी ऑयल और गैस सप्लाई होर्मुज (Hormuz) और बाब अल मंडेब से गुजरती है। इस युद्ध की वजह से इन दोनों रास्तों के बंद हो गए थे, जिसकी वजह से क्रूड ऑयल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया था। बहरहाल, दोनों ही रास्तों पर शांति है। हालांकि, शिप ट्रैफिक अब भी सामान्य नहीं है। अब दोनों देशों के बीच बातचीत में इस समुद्री मार्ग पर जहाजों की आवाजाही आसान बनाने को लेकर भी चर्चा चल रही है। अगर इस पर सहमति बनती है तो तेल बाजार को और राहत मिल सकती है।

बातचीत से उम्मीद, पर खतरा बरकरार

भले ही दोनों देशों ने हमले रोक दिए हैं। लेकिन, किसी स्थायी समझौते की घोषणा नहीं हुई है। परमाणु कार्यक्रम समेत कई बड़े विवादित मुद्दे अब भी बाकी हैं। इसलिए बाजार पूरी तरह निश्चिंत नहीं हुआ है। अगर युद्धविराम कायम रहता है, तो कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। लेकिन अगर तनाव फिर बढ़ता है तो कीमतों में दोबारा तेज उछाल देखने को मिल सकता है।

ट्रंप से मिलेंगे नेतन्याहू

इसी बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू मंगलवार को अमेरिका जाएंगे और राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे। नेतन्याहू ने कहा कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने की ट्रंप की कोशिशों का पूरा समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर बिना बड़े युद्ध के यह लक्ष्य हासिल हो जाता है तो इससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान ने दोबारा इजराइल पर हमला किया या अपने सहयोगी संगठनों के जरिए हमला कराया तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article