Melody Chocolate: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन दिनों इटली दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रही है। वहीं, अब एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पीएम मोदी ने मेलोनी को मेलोडी चॉकलेट गिफ्ट की है। जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक्स पर इस वीडियो को शेयर किया और लिखा- 'Thank You For Gift'. यह वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर जमकर रिएक्शन भी दे रहे हैं। मोदी के इस गिफ्ट से एक बार फिर यह आइकॉनिक टॉफी चर्चा में है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि मेलोडी आखिर इतनी चॉकलेटी क्यों है? इस टॉफी को आखिर क्यों इतना पसंद किया जाता है?
ये तो हम सब जानते हैं किसी भी प्रोडक्ट को बेचने में विज्ञापन की सबसे बड़ी भूमिका होती है। इसके लिए कंपनी प्रोडक्ट के साथ मजेदार टैग लाइन देती है, जिससे वो लोगों से कनेक्ट हो सके। मेलोडी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था। करीब चार दशक पहले कंपनी ने इसके विज्ञापन में ‘ये मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है? दिया था। ये टैगलाइन तकरीबन सबने सुनी होगी। कई लोग तो इस टैगलाइन के कारण ही इस चॉकलेट को खरीदते थे। लेकिन, कभी आपने सोचा है कि आखिर 'मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है'? अगर आप भी इसके बारे में नहीं जानते हैं, तो जरूर जान लीजिए। जानकारी के मुताबिक, पारले मेलोडी को चॉकलेटी बनाने में Soy-Lecithin नामक इंग्रेडिएंट सबसे अहम भूमिका निभाता है। यह टॉफी की शेल्फ-लाइफ को बढ़ाता है। साथ ही शुगर क्रिस्टलाइजेशन और चॉकलेट की तरलता को भी नियंत्रित करता है। कंपनी इस टॉफी को बनाने के लिए मुख्य रूप से इसी इंग्रेडिएंट का इस्तेमाल करता है।
ये है चॉकलेट की कहानी
यहां आपको बता दें कि Soy-Lecithin मेलोडी को ठोस बनाने में भी मदद करता है। टॉफी को जब काटते हैं, तो इसकी बनावट ठोस लगती है। मेलोडी में कारमेल कवरिंग और चॉकलेट कोर भी होता है। इतना ही नहीं सोय लेथिसिन कोकोआ मक्खन और कोको को अलग होने से भी बचाता है। कोकोआ मक्खन 23-25 डिग्री सेल्सियस के सामान्य कमरे के तापमान पर भी ठोस रहता है। लेकिन मुंह में डालते ही यह आसानी से पिघल जाता है और हमें चॉकलेट की तरह लगता है। इसके अलावा चॉकलेट के बाहर मीठे, मलाईदार कैरमेल की परत होती है और अंदर चॉकलेट का गाढ़ा लिक्विड भरा होता है। जब आप इसे खाते हैं, तो कैरमेल और चॉकलेट मिलकर एक बहुत ही गहरा और चॉकलेटी स्वाद देते हैं। इतना ही नहीं इस सवाल का जवाब कंपनी 'मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ' लाइन के जरिए भी देती है।
