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क्या आपने सोचा है JCB हमेशा पीली ही क्यों होती है, असली वजह जानकर रह जाएंगे दंग

Why JCB is Yellow: JCB और अन्य कंस्ट्रक्शन मशीनों का पीला रंग सिर्फ दिखने के लिए नहीं होता, बल्कि सुरक्षा के लिए चुना गया है। यह रंग दूर से आसानी से नजर आता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कम होता है। समय के साथ यह रंग JCB की पहचान भी बन गया है।

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सुरक्षा से जुड़ा है JCB का रंग (Photo: iStock)

JCB Yellow Color: JCB या बैकहो लोडर जैसी बड़ी कंस्ट्रक्शन मशीनें अक्सर पीले रंग की ही क्यों होती हैं, यह सवाल कई लोगों के मन में आता है। देखने में यह रंग सिर्फ आकर्षक लगता है, लेकिन इसके पीछे एक बहुत ही जरूरी और समझदारी भरा कारण छिपा है। सबसे बड़ी वजह है सुरक्षा और साफ दिखाई देना (विज़िबिलिटी)। कंस्ट्रक्शन साइट्स पर हर समय धूल, मिट्टी और भारी मशीनों की आवाजाही रहती है। कई बार रोशनी भी कम होती है या मौसम खराब होता है। ऐसे माहौल में पीला रंग बहुत दूर से भी साफ नजर आता है।

जल्दी पहचान और दुर्घटनाओं का खतरा होता है कम

यह रंग इतना चमकीला होता है कि दिन में धूप में और रात में हेडलाइट की रोशनी में भी आसानी से दिख जाता है। इससे आसपास काम कर रहे मजदूर, वाहन चालक और अन्य लोग मशीन को जल्दी पहचान लेते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा कम हो जाता है। शुरुआत में ऐसा नहीं था। 1950 के दशक में JCB (jcb ka rang pila hi kyo hota hai) की मशीनें लाल और नीले रंग में बनाई जाती थीं। लेकिन कंपनी के संस्थापक Joseph Cyril Bamford ने अनुभव और सुरक्षा से जुड़ी स्टडी के बाद यह फैसला लिया कि मशीनों का रंग ऐसा होना चाहिए जो सबसे ज्यादा नजर आए।

इसी सोच के साथ पीले रंग को अपनाया गया। धीरे-धीरे यह रंग इतना लोकप्रिय हो गया कि 1960 तक यह JCB की पहचान बन गया।

आज हालत यह है कि लोग किसी भी पीली खुदाई करने वाली मशीन को देखकर “JCB” ही कह देते हैं, चाहे वह किसी और कंपनी की क्यों न हो। यानी यह रंग सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि मजबूत ब्रांडिंग का भी हिस्सा बन चुका है। कुल मिलाकर अगर कहा जाए तो JCB का पीला रंग सिर्फ सुंदरता के लिए नहीं चुना गया, बल्कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अपनाया गया है। यही कारण है कि आज यह रंग पूरी दुनिया में कंस्ट्रक्शन मशीनों का एक मानक बन चुका है।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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