Viral Video : भोलीभाली भीड़ बिना सोचे समझे एक सीधे-साधे इंसान को भगवान मान लेती है, उसे पूजने लगती हैं। कई बार भीड़ की ये सोच अध्यात्म या श्रद्धा से नहीं बल्कि भ्रम और अफवाहों से तैयार होती है। मशहूर लेखक और व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई ने लिखा था कि 'भीड़ का दिल होता है लेकिन दिमाग नहीं'। वो कई बार बिना-सोचे समझे आंखों देखी बात को सच मान लेती है। जैसे मध्यप्रदेश के जबलपुर में नदी पर चलती इस महिला को कोई दिव्यशक्ति वाली महिला मान लिया। लोगों को लगा कि ये कोई सामान्य महिला नहीं है जो नर्मदा जैसी विशाल नदी पर चल रही है। इस महिला के पास कोई सिद्धि है जिसकी वजह से ये पानी पर डूबने के बजाए बड़े आराम से तैर रही है।
भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को आना पड़ा
जैसे ही ये ख़बर फैली वैसे ही पूरा इलाके में हल्ला मच गया। आसपास के गांव के लोग इस महिला को देखने के लिए इकट्ठा हो गए। भीड़ को मैनेज करने के लिए पुलिस को आना पड़ा। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बहुत से लोगों ने कई तरह की कहानी बना दी। किसी ने कहा कि ये सिद्धि है तो किसी ने वरदान बता दिया।
महिला को 'नर्मदा माई' कहना शुरू कर दिया
बहुत से लोगों ने इस महिला को 'नर्मदा माई' कहना शुरू कर दिया और बहुत से लोगों ने मान भी लिया। हैरानी तो आपको ये जानकर होगी कि भीड़ में से किसी ने ये समझने की कोशिश नहीं की कि ऐसा हो कैसे रहा है।इसे पीछे कोई ट्रिक है या साइंस है...ये समझने की भाई लोगों ने कोशिश ही नहीं की। आप इस चमत्कार के पीछे की सच्चाई सुनेंगे तो हैरान नहीं बल्कि हंसने लगेंगे क्योंकि इसमें कोई ट्रिक या साइंस नहीं है..इसके पीछे सिंपल सा लॉजिक ये है कि नदी के जिस हिस्से पर ये महिला चल रही है वहां पानी का लेवल बहुत कम है और नीचे ज़मीन है, जिस पर ये महिला बड़े आराम से चल रही है लेकिन दूर से लोगों को ये बात नहीं नज़र नहीं आई इसलिए इसे चमत्कार कहना शुरू कर दिया।
महिला ने कहा-उसके पास कोई सिद्धि नहीं है
जैसे बारिश के मौसम में सड़कों पर पानी भर जाता है और आप पानी में चलते हैं बिलकुल वैसे ही नदी से बाहर आने के बाद लोगों की भीड़ ने इस महिला को घेर लिया और आशीर्वाद लेने लगे बाद में इस महिला ने खुद कहा कि मेरे पास कोई सिद्धि नहीं है, ये तो नर्मदा नदी की परिक्रमा कर रही थी फिर जाकर लोगों की दिमाग की बत्ती जली और मामला शांत हुआ।
