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जर्मनी में रहने वाली NRI महिला ने भारत और यूरोप के जीवन की तुलना की, वायरल Video पर शुरू हुई चर्चा

Viral Video: वैशाली दत्त नाम की एक एनआरआई ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, 'इससे पहले कि आप कमेंट में मुझ पर हमला करें, मेरी बात सुन लीजिए! यह वीडियो उन सभी नकारात्मक बातों का जवाब है जो मैं भारत के बारे में ऑनलाइन देखती रहती हूं।'

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NRI महिला ने साझा किए विचार। (तस्‍वीर: beingindianingermany/Instagram)

Viral Video: भारत और यूरोपीय देशों के जीवन में कितना अंतर है इस बात की तस्‍दीक करने वाली एक महिला वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम पर शेयर की गई इस क्लिप में, जर्मनी में रहने वाली इस भारतीय महिला ने कई ऐसी चीज़ें गिनाईं जो उनके अनुसार यूरोपीय देशों की तुलना में भारत में बेहतर हैं। इन सुविधाओं में घर-घर किराने की डिलीवरी, यूपीआई के ज़रिए निर्बाध डिजिटल भुगतान और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत अन्य देशों की तुलना में ज़्यादा सुरक्षित है, और उन्होंने एक घटना का हवाला दिया जब उनका पर्स दिनदहाड़े चोरी हो गया था जब वह विदेश में थीं।

वैशाली दत्त नाम की एक एनआरआई ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि, 'इससे पहले कि आप कमेंट में मुझ पर हमला करें, मेरी बात सुन लीजिए! यह वीडियो उन सभी नकारात्मक बातों का जवाब है जो मैं भारत के बारे में ऑनलाइन देखती रहती हूँ। हाँ, समस्याएँ हैं, लेकिन अच्छी बातों को नज़रअंदाज़ न करें। और नहीं, मैं अभी वापस नहीं जा रही हूँ... लेकिन एक दिन? ज़रूर! । यह वीडियो भारत के बारे में उनकी "नकारात्मक टिप्पणियों" का प्रतिवाद करने के लिए बनाया गया था।

इस वीडियो पर रिएक्‍ट करते हुए एक यूजर ने कहा कि, '10 मिनट में किराने का सामान पहुंचाना कोई दिखावा नहीं है, यह शोषण के लिए सस्ते श्रम की उपलब्धता है। आपने जिस स्वास्थ्य सेवा की बात की है, उसके लायक होने के लिए आपको भारत में बहुत अधिक कमाई करने की आवश्यकता है, भले ही यह तेज़ हो :) लेकिन हां, आइए हम अपने बुलबुले में रहें क्योंकि वास्तविकता की जाँच की किसे आवश्यकता है।'

एक और यूजर ने कहा कि, 'एनआरआई भारत का महिमामंडन करने के लिए इतने उत्सुक क्यों हैं? यदि आप भारत से इतना प्यार करते हैं, तो आप यहां क्यों नहीं हैं? एह? वापस मत आइए.. यहां काम मत कीजिए.. कम वेतन का आनंद लीजिए.. क्योंकि UPIIIIII और ZEPTOOOO। लेकिन नहीं, आप भारत से बाहर चले जाएंगे और फिर त्वरित डिलीवरी के नाम पर भारत द्वारा निम्न वर्ग के शोषण का महिमामंडन करेंगे। श्रम की गरिमा नाम की भी कोई चीज होती है... जर्मनी में अपने डिलीवरी करने वालों से पूछिए, और फिर हम भारत में उस श्रम की उसी स्थिति के बारे में बात करेंगे। बाहर रहकर राष्ट्रवाद, कितना सुविधाजनक है।' एक तीसरे यूजर ने लिखा, 'भारत बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और सार्वजनिक शिष्टाचार में पीछे है। इस पर ध्यान दें और हम दुनिया में प्रथम स्थान पर होंगे।' वहीं, एक अन्‍य ने कहा कि, 'कृपया यह भी बता दें कि यूरोपीय नौकरियां आमतौर पर सप्ताह में 5 दिन की होती हैं और अच्छे कार्य/जीवन संतुलन के लिए सप्ताह में 35-40 घंटे काम करना होता है। भारत में आपसे अपेक्षा की जाती है कि आप अपनी शिफ्ट समाप्त होने के बाद कॉल और ईमेल का उत्तर दें।' इसके अलावा एक और यूजर ने कहा कि, 'किसी भारतीय गांव में जाकर रहो और 10 मिनट की तो बात ही छोड़ो, 10 दिन के भीतर कोई भी डिलीवरी पाने की कोशिश करो।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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