Funeral Dance Video: इन दिनों सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और सोचने पर भी मजबूर हो रहे हैं। वीडियो की शुरुआत देखकर ऐसा लगता है जैसे कोई बारात निकल रही हो। तेज DJ की आवाज, लोगों के चेहरे पर मुस्कान और कदमों में डांस- पूरा माहौल खुशी से भरा नजर आता है। लेकिन जैसे ही सच्चाई सामने आती है, लोग चौंक जाते हैं। यह कोई बारात नहीं, बल्कि एक अंतिम यात्रा है। वीडियो में दिखाया गया है कि एक व्यक्ति की शव यात्रा निकाली जा रही है, लेकिन माहौल आम अंतिम संस्कार जैसा बिल्कुल नहीं है। जहां आमतौर पर शांति और दुख का माहौल होता है, वहां इस जगह DJ पर गाने बज रहे हैं और लोग उन गानों पर डांस कर रहे हैं।
कंधे पर अर्थी उठाए नाचते-गाते चल रहे हैं लोग
कुछ लोग कंधे पर अर्थी उठाए हुए आगे बढ़ रहे हैं, जबकि बाकी लोग नाचते-गाते साथ चल रहे हैं। सड़क पर फूल बिखरे हुए हैं और पूरा दृश्य किसी जश्न जैसा लगता है। खबर में आगे बढ़ें इससे पहले आपको यहां बता दें कि टाइम्स नाउ नवभारत ऐसे किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। भारत में आमतौर पर हिंदू परंपराओं के अनुसार अंतिम यात्रा शांत और गंभीर होती है। लोग “राम नाम सत्य है” बोलते हुए शव को श्मशान तक ले जाते हैं। यह समय दुख और शोक का माना जाता है, जहां परिवार और रिश्तेदार अपने प्रियजन को अंतिम विदाई देते हैं। लेकिन इस वायरल वीडियो में बिल्कुल अलग तस्वीर देखने को मिलती है। कुछ लोग इस तरह की अंतिम यात्रा को “जिंदगी का जश्न” मान रहे हैं।
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने किए कई तरह के कमेंट्स
उनका कहना है कि जब कोई व्यक्ति इस दुनिया को छोड़कर जाता है, तो उसके जीवन को याद करते हुए खुशी के साथ विदाई देना भी एक तरीका हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, कई लोग इसे परंपराओं के खिलाफ मान रहे हैं और इसे सही नहीं मानते। इस वीडियो ने लोगों के बीच एक नई बहस शुरू कर दी है। क्या अंतिम यात्रा में इस तरह का जश्न सही है, या फिर पुरानी परंपराओं को ही मानना चाहिए? हर किसी की अपनी सोच और मान्यता होती है। कुल मिलाकर, यह वीडियो सिर्फ एक दृश्य नहीं, बल्कि एक सवाल भी है—क्या हम दुख के समय को भी अलग नजरिए से देख सकते हैं, या परंपराओं को ही सही मानना चाहिए? सोशल मीडिया के इंस्टाग्राम पर यह वीडियो bhotsidhainsaanhume नामक अकाउंट पर शेयर किया गया है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
