Viral Video: भारत में सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की लेटलतीफी एक आम समस्या है, जिसके समाधान के लिए सरकारें विभिन्न कदम उठा रही हैं। इन कदमों का उद्देश्य सरकारी कामकाज में सुधार लाना और जनता को समय पर सेवाएं प्रदान करना है। साथ ही, इससे सरकारी कर्मचारियों में अनुशासन और समय की पाबंदी को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, इन प्रयासों के बावजूद कर्मचारियों के रवैये में कोई खास अंतर आता नहीं दिख रहा है। ऐसा ही कुछ वाकया गुजरात के भावनगर जिले में देखने को मिला जहां डीएम को औचक निरीक्षण में इस हकीकत का सामना करना पड़ा। कलेक्टर डॉ. मनीष बंसल भावनगर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में आने वाली एक मामलतदार (तहसीलदार) ऑफिस के निरीक्षण को पहुंचे थे। कलेक्टर को ऑफिस खाली दिखा तो वह बिल्डिंग के मुख्य गेट पर कुर्सी डालकर बैठ गए। कलेक्टर मामलतदार ऑफिस पर 11 बजे तक बैठे रहे।
डॉ. मनीष बंसल ने भावनगर के मामलतदार ग्राम्य कार्यालय में औचक निरीक्षण में पाया कि अधिकांश कर्मचारी अनुपस्थित रहते हैं। इतना ही नहीं सुबह 11 बजे से भी देर से आते हैं। कलेक्टर भावनगर ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर वीडियो पोस्ट के जरिए ऐसा करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी जारी की है। उन्होंने जिले के तमाम सरकारी ऑफिसों में प्रमुखों से कहा है कि वे अपने स्तर पर भी जांच करें। कलेक्टर मनीष बंसल ने लिखा है कि यह आदत ठीक नहीं है और चूँकि सोमवार और मंगलवार सार्वजनिक दिवस हैं, इसलिए किसी भी परिस्थिति में ऐसे चलाना उचित नहीं है। उन्होंने आगे लिखा है कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि इस संबंध में सख्त कार्रवाई की जाएगी। मनीष बंसल की औचक निरीक्षण वाली सोशल मीडिया पोस्ट सुर्खियों में आ गई है।
