Viral Post: बेंगलुरु में ट्रैफिक जाम एक बड़ी समस्या है, जिससे निपटने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। इसी बीच एक रेडिटर की पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इसमें बेंगलुरु की परिवहन समस्या को उजागर किया गया है जिसे लेकर एक विस्तृत बहस छिड़ गई है क्योंकि निवासियों को समय पर दफ्तर पहुंचने में काफी दिक्कत होती है। देश का तकनीकी केंद्र होने के बावजूद, बेंगलुरु अपने ट्रैफिक जाम के लिए बदनाम हो गया है, जिससे निवासियों को आने-जाने में घंटों लग जाते हैं। रेडिट यूजर ने बताया कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के बावजूद, कार्यालय तक 25 किलोमीटर की यात्रा में उन्हें दो घंटे से अधिक का समय लगा और उन्हें काफी खर्च करना पड़ा।
आर/बैंगलोर सबरेडिट में यूजर ने लिखा, 'मैं आज ठीक 9:25 पर अपने अपार्टमेंट परिसर से निकला। यहां ऑटो वाले 2 किमी की यात्रा के लिए 100 रुपये का भारी-भरकम शुल्क लेते हैं, अगला विकल्प बस है।' बताया गया कि, 'जो बस सुबह 9:30 बजे चलने वाली थी, वह 10:10 बजे पहुंची, जिससे उनकी यात्रा में और देरी हो गई। बस ने मुझे 10:30 बजे नज़दीकी मेट्रो स्टेशन पर छोड़ दिया। जब मैं मेट्रो स्टेशन पहुंचा तो अगली मेट्रो 14 मिनट की दूरी पर थी। मैं 11:30 बजे अपने गंतव्य पर पहुँचा।'

निराश यूजर की पोस्ट। (तस्वीर साभार: u/looking_inside_out)
इस पोस्ट के वायरल होते ही इस पर कई प्रतिक्रियाएं आईं। एक यूजर ने कहा कि, '25 किलोमीटर की यात्रा में पूरा 2 घंटे का समय और 233 रुपये लगे। बेहतर होगा कि मैं अपना वाहन इस्तेमाल करना शुरू कर दूँ। समय और लागत दोनों कम लगेंगे। समस्या का समाधान न कर पाने के लिए सरकार को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।' एक यूजर ने कहा, 'यह सामान्य नहीं है। अब लोग आपको (और मुझे) इस ओर ध्यान दिलाने के लिए दोषी ठहराएंगे और वोट नहीं देंगे, लेकिन सरकार से कभी सवाल नहीं करेंगे, जिसकी वजह से हम इस स्थिति में हैं।' जबकि एक अन्य यूजर ने कहा कि, 'बेंगलुरु में यातायात/बुनियादी ढांचे में सुधार से किसी भी पार्टी को कोई अतिरिक्त वोट या अतिरिक्त रुपया नहीं मिलता।' तीसरे ने टिप्पणी की- 'आपको क्या लगता है कि हम रोज़ाना ट्रैफ़िक में अपनी एसी कारों में बैठना क्यों पसंद करते हैं? हम जानते हैं कि अन्य विकल्प इससे भी बदतर हो सकते हैं।'
