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'एप्पल या एंड्रॉयड ?' CEO ने 3000 आवेदकों से पूछा एक ही सवाल, अनोखी वजह सुनकर हैरान हुए यूजर्स

Viral Post: हायम्स ने कहा कि, 'मैं ज़्यादातर इस बात को लेकर उत्सुक रहता हूँ कि लोग कैसे फ़ैसले लेते हैं। यह दरअसल इस पर आगे-पीछे की 15 मिनट की एक लंबी शृंखला है, जहाँ मुझे इंसानों के बारे में और वे कैसे फ़ैसले लेते हैं, इसके बारे में थोड़ा-बहुत सीखने को मिलता है।'

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जॉब से पहले CEO ने पूछा एक ही सवाल।

Viral Post: प्रतिस्पर्धा के इस दौर में नौकरी पने के लिए लोगों को इंटरव्‍यू देना ही पड़ता है। ऐसे में एक कंपनी के सीईओ क्रिस हायम्स ने नौकरी के उम्मीदवारों का साक्षात्कार करने के लिए एक बहुत ही अजब-गजब तरीका अपनाया है। फॉर्च्यून पत्रिका के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में, उन्होंने लगातार 3,000 से अधिक उम्मीदवारों से एक सीधा सवाल पूछा है: "एप्पल या एंड्रॉइड?" वैसे पहले तो ये सवाल तकनीकी प्राथमिकताओं के बारे में लगेगा मगर इसे उम्मीदवार की विचार प्रक्रिया में गहराई से उतरने के लिए बनाया गया है। हायम्स का मानना है कि यह समझना कि व्यक्ति कैसे चुनाव करते हैं और अपने तर्क को कैसे व्यक्त करते हैं, पारंपरिक रिज्यूमे समीक्षा की तुलना में अधिक जानकारी प्रदान करता है।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हायम्स ने फॉर्च्यून को बताया 'यह अजीब लग सकता है, लेकिन मैं हर किसी से पूछता हूं, क्या आपके पास आईफोन या एंड्रॉयड है, और क्यों?' हायम्स बताते हैं, 'यह सही उत्तर के बारे में नहीं है। यह इस बारे में है कि वे प्रश्न को किस तरह से देखते हैं और अपने चयन को कैसे उचित ठहराते हैं।' यह तरीका हयाम्स के संभावित कर्मचारियों में जिज्ञासा और अनुकूलनशीलता को प्राथमिकता देने के व्यापक दर्शन के अनुरूप है। इन गुणों पर ध्यान केंद्रित करके, उनका लक्ष्य आधुनिक कार्यस्थल की लगातार विकसित हो रही चुनौतियों से निपटने में सक्षम कार्यबल का निर्माण करना है।

हायम्स ने कहा कि, 'मैं ज़्यादातर इस बात को लेकर उत्सुक रहता हूँ कि लोग कैसे फ़ैसले लेते हैं। यह दरअसल इस पर आगे-पीछे की 15 मिनट की एक लंबी शृंखला है, जहाँ मुझे इंसानों के बारे में और वे कैसे फ़ैसले लेते हैं, इसके बारे में थोड़ा-बहुत सीखने को मिलता है।' वैसे मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ज़्यादातर लोग iPhone का जवाब देते हैं और उनका आम तर्क यह होता है कि हाई स्कूल में अपने फ़ैमिली प्लान में शामिल होने के बाद से ही वे इस ब्रैंड से जुड़े हुए हैं। दूसरे लोग अपने फ़ोन पर इस्तेमाल किए जाने वाले ऐप्स के बारे में बताते हैं, आम तौर पर, हाइम्स को उनके जुनून के बारे में बताते हैं। जब ऐसा होता है, तो वे यह भी पूछते हैं कि वे प्लेटफ़ॉर्म में क्या बदलाव करना चाहेंगे। हायम्स कहते हैं, 'आप वास्तव में इस बारे में बहुत दिलचस्प बातचीत कर सकते हैं कि जब आप कोई उत्पाद चुनते हैं तो यह कितना महत्वपूर्ण होता है कि आप उस चीज़ के साथ बहुत लंबे समय तक जुड़े रह सकें। मैं लोगों से पूछता हूं कि वे कौन से ऐप इस्तेमाल करते हैं, और यह उनके बारे में थोड़ा जानने का एक तरीका है।'

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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