Viral News: आज हम आपको एक ऐसी हथिनी की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसे सुनकर आप रो देंगे। इस हथिनी को शिकारियों ने 9 साल पहले पांच गोली मारी थी। इसके बाद से वह बच्चे को जन्म नहीं दे पा रही थी। हालांकि, अब हथिनी ने एक बच्चे को जन्म तो दे दिया लेकिन खुद जिंदगी की रेस हार गई। यह मामला सामने आने के बाद लोग भावुक हो गए हैं। इस हथिनी का नाम 'मानसून' था जो अफ्रीकन हथिनी (African Elephant) है। हथिनी की मौत केन्या में हुई है।
वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) के अधिकारियों ने बताया कि 'मानसून' नाम की हथिनी ने अपने जीवन में सभी विपरीत परिस्थितियों का सामना किया। हालांकि, अंत में वह सूखे को नहीं झेल सकी और जिंदगी की जंग हार गई। बता दें कि केन्या का उत्तरी हिस्सा इन दिनों पिछले 40 साल के सबसे भयंकर सूखे का सामना कर रहा है। सूखे के चलते जानवरों को खाना और पानी नहीं मिल पा रहा है। इस कारण मानसून हथिनी कई बार बेहोश पड़ी मिली। अंत में पशु चिकित्सकों ने उसे एक इंजेक्शन देकर 'हमेशा के लिए चैन की नींद' सुला दिया।
अकाल नहीं झेल पाई 'मानसून' हथिनी
बता दें कि मानसून हथिनी की उम्र 60 साल हो चुकी थी। हाथियों के जीने की यह सबसे अधिक उम्र होती है। वह अपने उम्र के आखिरी पड़ाव पर थी। अधिक उम्र के चलते उसकी तबियत खराब हो रही थी। जब सूखा आया तो उसकी तबियत और बिगड़ गई। इसके बाद पशु चिकित्सकों ने मुश्किल फैसला लिया। मानसून सात बच्चों की मां थी। 9 साल पहले मानसून ने शिकारियों के हमले का भी सामना किया था। तब शिकारियों ने उसे पांच बार गोली मारी थी। उस समय अफ्रीका में हाथी का शिकार करने वाले शिकारियों का बहुत बोलबाला था।
हाथी दांत की बिक्री के लिए तब लगातार हाथियों की हत्या की जा रही थी। उस संहार में मानसून हथिनी ने भी अपने दो बच्चे गंवाए थे। वैज्ञानिक माननते थे कि गोली लगने के बाद मानसून फिर कभी बच्चा पैदा नहीं कर पाएगी। हालांकि, नौ साल बाद साल 2018 में हथिनी ने सांब्रू में एक बच्चे को जन्म दिया था। मानसून ने एक्सपर्ट्स को गलत साबित किया था। हालांकि, पिछले 4 सालों से केन्या, इथोपिया और सोमालिया सूखा झेल रहा है। लंबे अकाल के कारण बूढ़े हाथी और बच्चे हाथी अधिक जान गंवा रहे हैं।
