Viral Video: मुंबई की भागदौड़ भरी सड़कों पर रोज हजारों ऑटो दौड़ते हैं, लेकिन इनमें से एक ऑटो की कहानी ऐसी है, जो लोगों का दिल छू रही है। इस ऑटो को चलाती हैं कोमल गायकवाड़। उनकी जिंदगी आसान नहीं है, लेकिन अपनी बेटी के बेहतर भविष्य के लिए वह हर मुश्किल का सामना कर रही हैं।
मुंबई की सड़कों पर मां की मेहनत
कोमल गायकवाड़ की इस स्टोरी को सोशल मीडिया पर खूब धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है। हमने उनकी यह स्टोरी सोशल साइट एक्स पर पोस्ट @IndiaTales7 नाम के अकाउंट से ली है। जिसमें बताया जा रहा है कि कोमल सुबह करीब 6 बजे ऑटो लेकर निकलती हैं और रात 11 बजे तक मेहनत करती हैं। जहां इसमें सबसे खास बात यह है कि उनकी 3 साल की छोटी बेटी भी अपनी मां के साथ ऑटो में अक्सर उनके साथ रहती है। मां काम करती रहती हैं और बेटी अपनी मां के पास बैठकर सफर करती है। वीडियो (Video) में आप देख सकते हैं कि कोमल की बेटी उनके बगल में ऑटो में बैठी हुई है और अपनी मां के साथ सफर कर रही है।
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पति ने छोड़ा तो ऑटो चलाने को मजबूर हुई महिला
कोमल की जिंदगी में मुश्किल समय तब आया, जब उनके पति उन्हें छोड़कर चले गए। इसके बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि वह अपनी छोटी बेटी की जिम्मेदारी कैसे उठाएं। नौकरी की तलाश की, लेकिन छोटी बच्ची होने की वजह से उन्हें काम देने में कई लोगों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई।
महिला खुद का काम कर चलाती है घर
ऐसे में कोमल ने हार नहीं मानी। उन्होंने किसी के भरोसे रहने के बजाय खुद अपना काम शुरू करने का फैसला किया और ऑटो चलाना शुरू कर दिया। अब यही ऑटो उनकी कमाई का जरिया है। इसी से वह घर का किराया, रोजमर्रा के खर्च और बेटी की जरूरतें पूरी करने की कोशिश करती हैं।
मां के दो बड़े सपने
कोमल की कहानी सिर्फ संघर्ष की नहीं, बल्कि एक मां के बड़े सपनों की भी कहानी है। उनकी जिंदगी में भले ही परेशानियां बहुत हैं, लेकिन अपनी बेटी के भविष्य को लेकर उनका सपना बहुत बड़ा है। उनकी पहली इच्छा है कि एक दिन उनका अपना छोटा सा घर हो। ऐसा घर जहां उन्हें किराए की चिंता न करनी पड़े और उनकी बेटी सुरक्षित माहौल में बड़ी हो सके। दूसरा सपना इससे भी बड़ा है। कोमल चाहती हैं कि उनकी बेटी पढ़-लिखकर बड़ी अधिकारी बने और IPS ऑफिसर बने। वह अपनी मेहनत की कमाई से बेटी को अच्छी शिक्षा देना चाहती हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
