वायरल न्यूज़

VIDEO: दुबई की चमक छोड़ उत्तराखंड की पहाड़ियों में बस गया शख्स, खोली ‘Thoda Slow’ कैफे

दुबई में रियल एस्टेट का काम करने वाले ईशान ग्रोवर ने शहर की भागदौड़ छोड़ उत्तराखंड के कसार देवी में ‘Thoda Slow’ कैफे शुरू किया। फिलहाल इनकी कहानी सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है।

Image

दुबई छोड़कर पहाड़ों में बसा शख्स (Instagram/@himanshukhosla1991)

कहते हैं कि जिंदगी में पैसा और सफलता जरूरी है, लेकिन असली सुकून हर किसी को अलग जगह मिलता है। ऐसी ही एक कहानी सोशल मीडिया (Social Media) पर इन दिनों लोगों का ध्यान खींच रही है। दुबई में रियल एस्टेट का काम करने वाले ईशान ग्रोवर ने शहर की तेज रफ्तार जिंदगी छोड़कर उत्तराखंड के पहाड़ों में रहने का फैसला किया। अब वह कसार देवी में एक कैफे चलाते हैं, जिसका नाम है ‘Thoda Slow’

करोड़ों की रियल एस्टेट छोड़ बना कैफे वाला

ईशान कई सालों तक दुबई में रियल एस्टेट के क्षेत्र में काम कर रहे थे। वहां की जिंदगी तेज थी और काम का दबाव भी काफी था लेकिन उत्तराखंड की पहाड़ियों की एक यात्रा ने उनकी सोच बदल दी। पहाड़ों की शांति और खूबसूरती उन्हें इतनी पसंद आई कि उन्होंने यहीं रुकने का फैसला कर लिया। ईशान की कहानी को कंटेंट क्रिएटर हिमांशु खोसला ने अपनी ‘Unfiltered Life’ सीरीज में दिखाया।

टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें:

नई जिंदगी की सोच के हिसाब से रखा कैफे का नाम

बातचीत के दौरान ईशान ने बताया कि जब वह उत्तराखंड आए तो उन्हें यह जगह बेहद पसंद आई और उन्होंने यहीं रहने का फैसला किया। उन्होंने अपने कैफे का नाम भी अपनी नई जिंदगी की सोच के हिसाब से रखा। ईशान कहते हैं कि वह अब धीमी और शांत जिंदगी जीना चाहते हैं। इसी वजह से उन्होंने अपने कैफे का नाम ‘Thoda Slow’ रखा है लेकिन ईशान के इस फैसले के पीछे सिर्फ पहाड़ों की खूबसूरती नहीं थी। उनकी जिंदगी में एक ऐसा समय भी आया, जिसने उन्हें अपने भविष्य के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर किया।

पिता की मौत ने जिंदगी का मतलब समझाया

ईशान ने वीडियो (Video) में बताया कि उनके पिता की कैंसर से मौत हो गई थी। उस दौरान उन्हें अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े। इस मुश्किल समय में उन्होंने जिंदगी को बहुत करीब से देखा। उन्होंने महसूस किया कि जिस तेज जिंदगी के पीछे वह भाग रहे थे, उसमें शायद वह सुकून नहीं था जिसकी उन्हें तलाश थी। इसके बाद ईशान ने तय किया कि वह अपनी जिंदगी को थोड़ा धीमा करेंगे। उन्होंने शहर की भागदौड़ और लगातार काम के दबाव से दूर पहाड़ों में रहने का फैसला किया।

लोगों को काफी पसंद आ रही है ईशान की कहानी

ईशान का मानना है कि अगर किसी व्यक्ति के पास अपनी पसंद की जिंदगी चुनने की आर्थिक आजादी है, तो उसे ऐसा जरूर करना चाहिए। उनके लिए पहाड़ अब सिर्फ घूमने की जगह नहीं, बल्कि उनका घर और सुकून का ठिकाना बन चुके हैं। उनकी कहानी सोशल मीडिया (Social Media) पर भी लोगों को पसंद आ रही है। कई यूजर्स ने उनके फैसले की तारीफ की और कहा कि ईशान ने जिंदगी की असली खुशी को समझने की कोशिश की है।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article