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दीवारों के नहीं इस शख्स के पैर में कान! डॉक्टरों की अनोखी सर्जरी उड़ा देगी होश

चीन में डॉक्टरों ने एक महिला का कटा हुआ कान बचाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। कार्यस्थल हादसे में कान पूरी तरह कटने के बाद उसे तुरंत सिर पर नहीं जोड़ा जा सका क्योंकि खोपड़ी की त्वचा और नसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त थीं। कान को जीवित रखने के लिए डॉक्टरों ने उसे महिला के पैर पर अस्थायी रूप से ग्राफ्ट किया।

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चीनी डॉक्टरों ने कैसे एक कटे हुए कान को जीवित रखा (फोटो:एआई)

चीन में डॉक्टरों ने एक महिला का कटा हुआ कान बचाने के लिए बेहद अनोखा और चौंकाने वाला तरीका अपनाया। इस महिला का कान अप्रैल महीने में एक कार्यस्थल पर हादसे के दौरान पूरी तरह कट गया था। हादसे में उसके सिर, गर्दन और चेहरे पर भी गंभीर चोटें आई थीं। जब उसे अस्पताल लाया गया, तब डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी चुनौती उसका कान जिंदा रखना था। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक जिनान के शेडोंग प्रांतीय अस्पताल के डॉक्टरों ने पहले सामान्य सर्जरी के जरिए कान को सिर पर दोबारा जोड़ने की कोशिश की, लेकिन खोपड़ी की त्वचा और वहां की खून की नसें बुरी तरह क्षतिग्रस्त थीं। ऐसे में तुरंत कान को वापस सिर पर जोड़ना संभव नहीं था, क्योंकि सिर के घावों को ठीक होने में समय लगना था।

करीब 10 घंटे तक चली पहली सर्जरी

कान को खराब होने से बचाने के लिए डॉक्टरों ने उसे महिला के पैर पर अस्थायी रूप से जोड़ने का फैसला किया। डॉक्टरों के मुताबिक पैर की नसें और धमनियां कान की नसों के आकार से मेल खाती थीं। इसके अलावा पैर की त्वचा और मांसपेशियों की मोटाई भी सिर की त्वचा जैसी होती है, जिससे बाद में कान को वापस सिर पर जोड़ना आसान हो जाता है। कान को पैर पर जोड़ने की पहली सर्जरी करीब 10 घंटे तक चली। इस दौरान सबसे मुश्किल काम कान की बेहद पतली रक्त नलिकाओं को जोड़ना था। जिनका आकार सिर्फ 0.2 से 0.3 मिलीमीटर था। सर्जरी के कुछ दिन बाद कान में खून के बहाव की समस्या आने लगी और वह काला पड़ने लगा।

डॉक्टर महिला के सिर की चोटों का करते रहे इलाज

कान को बचाने के लिए डॉक्टरों ने पांच दिनों में लगभग 500 बार हाथ से खून निकालने की प्रक्रिया की, ताकि खून का सही संचार बना रहे। साथ ही डॉक्टर महिला के सिर की चोटों का भी इलाज करते रहे। उसके सिर के क्षतिग्रस्त हिस्से को ठीक करने के लिए पेट से ली गई त्वचा को सिर पर लगाया गया। कई महीनों तक चले इलाज और रिकवरी के बाद आखिरकार डॉक्टरों ने कान को उसकी असली जगह यानी सिर पर सफलतापूर्वक जोड़ दिया। महिला का कान फिर से सामान्य दिखने लगा। यह पहली बार नहीं है जब चीन के डॉक्टरों ने ऐसा अनोखा तरीका अपनाया हो। इससे पहले भी वे जटिल मामलों में शरीर के अंगों को बचाने और दोबारा बनाने के लिए ऐसे नए और साहसी तरीके इस्तेमाल कर चुके हैं।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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