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स्टेशन पर 'VIP' मेहमान, सिक्योरिटी को चकमा देकर ट्रेन के पास पहुंचीं 2 भैंसें, वीडियो हुआ वायरल

Viral Video: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का 'रानी कमलापति रेलवे स्टेशन' काफी चर्चा में है। दरअसल, यहां प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर दो भैंसें खुलेआम टहलती नजर आईं। भैंसें यात्रियों और रेलवे स्टाफ के बीच से बेफिक्र होकर गुजर रही हैं और ट्रेन के डिब्बों तक पहुंच गईं।

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प्लेटफॉर्म पर भैंसें

Viral Video: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल का 'रानी कमलापति रेलवे स्टेशन' अपनी विश्वस्तरीय सुविधाओं, एयरपोर्ट जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था के लिए जाना जाता है। लगभग 450 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से संवारे गए इस स्टेशन की गिनती देश के सबसे प्रीमियम रेलवे स्टेशनों में होती है। लेकिन, हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने इस 'वर्ल्ड क्लास' तमगे पर चुटीले सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें किसी ट्रेन का इंतजार कर रहे यात्रियों के बीच इंसान नहीं, बल्कि दो भैंसें (Buffalo Video) मजे से वॉक करती नजर आ रही हैं।

    वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रानी कमलापति स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर दो भैंसें किसी वीआईपी यात्री की तरह टहल रही हैं। प्लेटफॉर्म पर खड़ी ट्रेन के ठीक बगल से गुजरते हुए वे आगे बढ़ती हैं, जबकि आसपास कई यात्री, वेंडर और रेलवे स्टाफ मौजूद हैं। हैरानी की बात यह है कि भैंसें बिना किसी खौफ के यात्रियों के बीच से निकलकर ट्रेन के कोच तक पहुंच गईं। वहां मौजूद लोग भी इस नजारे को देखकर हैरान रह गए और कई लोगों ने अपने फोन निकालकर इस 'वर्ल्ड क्लास वॉक' को कैमरे में कैद कर लिया। आलम ये है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। आप भी देखें वीडियो...

    प्लेटफॉर्म पर भैंस वॉक!

    वीडियो देखकर एक पल के लिए आप भी जरूर चौंक गए होंगे। आलम ये है कि इस वीडियो पर यूजर्स जमकर चटकारे ले रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि शायद भैंसें भी वंदे भारत या शताब्दी एक्सप्रेस पकड़ने आई थीं, लेकिन टीटीई ने टिकट नहीं मांगा। वहीं, एक अन्य यूजर ने चुटकी लेते हुए लिखा कि 450 करोड़ के स्टेशन का असली आनंद तो यही ले रही हैं। इधर, इस घटना ने स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। आखिर सुरक्षा को चकमा देकर भैंसें कैसे अंदर पहुंचीं ? तो इस वीडियो पर आपकी क्या राय है जरूर बताएं।

    Makarand Kale
    मकरंद कालेauthor

    सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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