वंदे भारत ट्रेन (Vande Bharat Train) में हुई एक मुलाकात इन दिनों इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है। कांग्रेस नेता और मशहूर लेखक शशि थरूर (shashi tharoor) ने अपनी हाल की ट्रेन यात्रा का एक खास अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किया। शशि थरूर ने बताया कि इस सफर के दौरान उनकी मुलाकात 16 साल के एक बेहद प्रतिभाशाली भारतीय छात्र राउल जॉन अजू से हुई, जो कम उम्र में ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के क्षेत्र में लाजवाब और शानदार काम कर रहे हैं। थरूर ने अपने शोशल मीडिया अकाउंट X (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो के साथ लिखा कि यह मुलाकात उनके लिए बहुत प्रेरणादायक रही।
उन्होंने बताया कि उनकी और राउल की बातचीत AI की भविष्य की संभावनाओं, उसकी सीमाओं और भारत जैसे विविध देश में स्थानीय भाषाओं के महत्व पर केंद्रित रही। राउल और उनकी टीम भारतीय भाषाओं में आवाज पहचान और प्रोसेसिंग सिस्टम तैयार कर रही है, ताकि तकनीक ज्यादा लोगों तक पहुंचे और भाषा कभी बाधा न बने। थरूर ने खुशी जताई कि इतनी कम उम्र में राउल और उसके साथी मलयालम, हिंदी और उर्दू जैसी भाषाओं में शानदार काम कर रहे हैं।
बच्चे के टैलेंट से प्रभावित हुए थरूर
थरूर ने कहा कि यह देखकर गर्व होता है कि भारत का नया युवा अपने विचार, मेहनत और नवाचार से तकनीकी दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। अंत में शशि थरूर ने यह भी कहा कि ऐसे ही तेज, जिज्ञासु और नवाचार से भरे युवा भारत के भविष्य को नई दिशा देंगे और देश को तकनीक के क्षेत्र में और आगे ले जाएंगे। यह मुलाकात न सिर्फ उनके लिए यादगार रही, बल्कि लोगों के लिए भी प्रेरणा बन गई है, इसलिए यह बातचीत तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो देखने के बाद यूजर्स ने भी कई तरह के कमेंट्स किए हैं।
पहले यूजर ने लिखा: "इस लड़के का आत्मविश्वास चरम पर है। युवा प्रतिभा को शानदार प्रदर्शन करते देखना बहुत अच्छा लगता है।", दूसरे ने लिखा: "भारतीय बच्चों को बस सही माहौल की जरूरत है और उनमें अपार क्षमता है।" तीसरे ने लिखा: "यह वाकई एक अनोखी बात है कि शहरों को जोड़ने वाली ट्रेन में एक बच्चा भाषाओं को जोड़ने वाली तकनीक विकसित कर रहा है। अगली पीढ़ी को यह सुनिश्चित करते देखना बहुत उम्मीद जगाता है कि एआई हमसे बात करे—यह सुनिश्चित करना कि भविष्य सभी का हो, न कि केवल अंग्रेजी बोलने वाले अभिजात वर्ग का।"
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
