Yellow brick road ocean: प्रशांत महासागर की गहराई में वैज्ञानिकों को हाल ही में एक ऐसी खोज मिली, जिसने पहली नजर में सभी को हैरान कर दिया। समुद्र की तलहटी पर एक संरचना दिखाई दी, जो बिल्कुल पक्की पीली ईंटों से बनी सड़क जैसी लग रही थी। यह नजारा किसी काल्पनिक कहानी या रहस्यमयी सभ्यता का हिस्सा प्रतीत हो रहा था। इस खोज को ओशन एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट के जहाज E/V Nautilus द्वारा किए गए एक लाइव-स्ट्रीम मिशन के दौरान देखा गया। यह स्थान हवाई द्वीप के पास, समुद्र की सतह से करीब 3,000 मीटर नीचे था।
जैसे ही दूर से संचालित वाहन (ROV) के कैमरों में यह दृश्य कैद हुआ, वैज्ञानिकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई। आयताकार आकार के पत्थर एक-दूसरे के साथ सलीके से जमे हुए दिख रहे थे और रोशनी पड़ने पर उनका रंग पीला नजर आ रहा था। देखने में यह किसी इंसान द्वारा बनाई गई सड़क जैसा लग रहा था। मजाक में वैज्ञानिकों ने इसे “पीली ईंटों की सड़क” या “अटलांटिस का रास्ता” तक कह दिया। सोशल मीडिया पर भी इस खोज ने लोगों की कल्पनाओं को पंख दे दिए। यह खोज पापाहानाउमोकुआकेआ मरीन नेशनल मॉन्यूमेंट क्षेत्र में हुई, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है और दुनिया के सबसे बड़े समुद्री संरक्षण क्षेत्रों में से एक है। वैज्ञानिक यहां समुद्र तल के पहाड़ों और ज्वालामुखीय संरचनाओं का अध्ययन कर रहे थे।
लाखों साल पहले समुद्र के नीचे फटे थे ज्वालामुखी
जब इस सड़क जैसी बनावट की जांच की गई, तो इसका रहस्य धीरे-धीरे सामने आया। वैज्ञानिकों ने साफ किया कि यह कोई प्राचीन सभ्यता या इंसानों की बनाई संरचना नहीं है। दरअसल, यह एक प्राकृतिक भूवैज्ञानिक प्रक्रिया का नतीजा है। लाखों साल पहले समुद्र के नीचे ज्वालामुखी फटे थे। उस समय पिघला हुआ लावा जब ठंडे समुद्री पानी के संपर्क में आया, तो वह तेजी से ठंडा होकर टूट गया। इस प्रक्रिया में चट्टानें सीधी रेखाओं और समकोण में दरक गईं, जिससे वे फर्श के पत्थरों जैसी दिखने लगीं। इस तरह की संरचना को भूविज्ञान में ह्यालोक्लास्टाइट कहा जाता है।
इस तरह के पैटर्न धरती पर भी देखे जा सकते हैं, जैसे उत्तरी आयरलैंड का प्रसिद्ध जायंट्स कॉजवे, जहां पत्थर एकदम सलीके से खड़े नजर आते हैं। समुद्र में मिली यह संरचना नूटका सीमाउंट के पास पाई गई, जो कभी एक सक्रिय ज्वालामुखी रहा था। यह खोज इसलिए भी खास है क्योंकि अब तक समुद्र तल का बहुत ही छोटा हिस्सा ही इंसानों ने सीधे देखा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि ऐसे अध्ययन से हमें पृथ्वी के ज्वालामुखीय इतिहास, टेक्टोनिक गतिविधियों और समुद्र की गहराई में छिपे रहस्यों को समझने में मदद मिलती है। “पीली ईंटों की सड़क” हमें याद दिलाती है कि प्रकृति कई बार इंसानी डिजाइन जैसी आकृतियां खुद बना देती है और समुद्र आज भी अनगिनत रहस्यों से भरा हुआ है।
