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अनोखा मामला: यहां चूहे की हत्या का मामला पहुंचा कोर्ट, आरोपी को मिल सकती है इतने साल की सजा

  • Authored by: किशन गुप्ता
  • Updated Apr 12, 2023, 12:30 PM IST

यूपी के बदायूं से चूहे के हत्याकांड का एक मामला सामने आया है, जिसके आरोपी को अब कोर्ट सजा सुनाएगी। इसके लिए बकायदा 30 पन्नों की चार्जशीट फाइल की गई है। माना जा रहा है कि उसे करीब 5 साल तक की सजा हो सकती है।

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चूहे के हत्या के मामले में पनवाड़ी को मिल सकती है सजा (फोटो साभार - iStock)

KEY HIGHLIGHTS
  • चूहे की हत्या का अनोखा मामला
  • 30 पन्नों की चार्जशीट हुई फाइल
  • आरोपी को मिल सकती है सजा

Rat Murder Case: देश में क्राइम का स्तर सबसे टॉप पर रहता है। हर दिन कोई न कोई मामला सामने आता ही रहता है। ऐसे में कई बार कुछ ऐसे मामले सामने आ जाते हैं, जिसे सुनने के बाद काफी आश्चर्य होता है और फिर दिल से एक ही आवाज निकलती है- 'ओ तेरी! ऐसा भी हो सकता है क्या?'... ये मामले लोगों को सोच में डालते ही हैं, साथ ही सबक लेने वाले भी होते हैं। एक ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के बदायूं से सामने आया है, जिसे सुनने के बाद आप भी चौंक जाएंगे।

दरअसल, बदायूं में चूहा की हत्या का एक मामला सामने आया है। सुनकर थोड़ा अजीब लगा होगा, लेकिन ये सच है। ये चूहा हत्याकांड कोई आम हत्याकांड नहीं है। इसके लिए आरोपी को सजा मिलने वाली है। चार्जशीट भी काफी लंबी-चौड़ी तैयार की गई है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है। इंतजार है तो कोर्ट के फैसले का.. कि आरोपी कितने सालों की सजा होगी? फाइल हुए चार्जशीट के आधार पर आखिर कोर्ट क्या फैसला सुनाएगी?

क्या है मामला?

मामला कुछ यूं है कि एक पनवाड़ी (नाम- मनोज) ने चूहे को पकड़कर एक छोटे पत्थर से बांध दिया और फिर नाले में डुबो दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह सारा नजारा पशु प्रेमी विक्रेन्द्र शर्मा ने देख लिया, जो उसी समय वहां से गुजर रहा था। इस दौरान उसने चूहे को बचाने की कोशिश भी की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी और चूहे की मौत हो गई थी। फिर पशु प्रेमी ने 25 नवबंर (वारदात का दिन) को पनवाड़ी के खिलाफ केस दर्ज करवा दिया। फिर चूहे का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसकी चार्जशीट रिपोर्ट में अटैच की गई है, जो 30 पन्नों की है। चार्जशीट के आधार पर ही अब कोर्ट इस मामले का फैसला सुनाएगी।

पनवाड़ी को मिल सकती है 5 साल की सजा

जब चूहे का पोस्टमार्टम किया गया, तब पता चला कि चूहे की मौत दम घुटने की वजह से हुई है, न कि नाले में डुबाने की वजह से। उसके लिवर और फेफड़े भी पहले से खराब थे। ऐसे में उम्मीद कम ही है कि पनवाड़ी को सजा मिलें। उधर, वन विभाग का कहना है कि चूहे को मारना अपराध की श्रेणी में नहीं आता। लेकिन एल्कीन पशु क्रूरता के तहत आरोपी को सजा दी जा सकती है। अगर आरोप सिद्ध होता है तो आरोपी को 10 हजार तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। इसके अलावा उसे दो से पांच साल तक की सजा भी हो सकती है। अब ऐसे में देखा जाए तो ये देश का पहला हत्याकांड होगा, जिसमें कार्यवाही इतनी तेज हुई है।

किशन गुप्ता
किशन गुप्ताauthor

<p>देश की धार्मिक राजधानी काशी में जन्म लिया और घाटों पर खेल-कूदकर बड़ा हुआ। साल 2019 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स डिग्री ली। यही से पत्रकारिता की शुरुआत भी हुई। इसी साल जुलाई में हैदराबाद स्थित रामोजी रॉव के स्वामित्व वाले ईटीवी भारत से करियर की शुरुआत हुई। बतौर ट्रेनी यहां एक साल से अधिक का समय बिताया। यह पहली दफा था, जब घर से दूर निकला था। लेकिन चस्का था तो काम करने, एक अच्छा पत्रकार बनने का। यहां रहकर चंद्रयान - 2 को कवर करने का मौका मिला। इसके बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों की ओर से हुए हिंसक विरोध को भी करीब से देखा। इस दौरान पथराव का भी सामना करना पड़ा। लेकिन काम करने का एक जुनून था। यह पहली दफा था, जब मैंने किसी बड़ी न्यूज को कवर किया था। इसके बाद ये सिलसिला चलता गया। कुछ समय ऐसा भी आया, जब होम पेज भी काम करने को मिला। करीब एक साल से अधिक समय बिताने के बाद ईटीवी भारत से अलविदा लिया और अपने गृह जिले में पहुंचा, जहां के एक लोकल चैनल टूडेज इंडिया न्यूज में काम करने का मौका मिला। यहां करीब डेढ़ साल से अधिक का समय बिता, जहां रहकर बनारस के साथ-साथ पूर्वांचल को भी कवर करने का मौका मिला। राजनीति और क्राइम की खबरों में खासा रूचि होने के कारण अक्सर फोकस भी इसी पर रहता था। इस दौरान कोविड के दंश को भी देखा। कोरोना काल का यह वो भयानक मंजर था, जिसकी किसी को आशंका न थी। इस दौरान खबरों के माध्यम से देश के दुख-दर्द को करीब से महसूस करने का मौका मिला। फिर मई 2022 में वनइंडिया ज्वाइन कर ली, यहां से फीचर राइटिंग की शुरुआत करते हुए मैंने ट्रैवेल पर काम करना शुरू किया। ऑफिस बैंगलोर था, तो वहां जाने के लिए काफी सोचना भी पड़ा लेकिन दिमाग में था कि बड़ा कुछ करना है तो देश की आर्थिक राजधानी के लिए निकल पड़ा। यहां काफी कम समय ही बिता, करीब 9 महीने तक काम करने के बाद यहां से अलविदा लिया। फिर समय आया देश के प्रतिष्ठित संस्थान टाइम्स नेटवर्क से जुड़ने का। मार्च 2023 में मैं Timesnowhindi.com के वायरल टीम से जुड़ा। इस बीच तमाम ट्रेंडिंग, वायरल और अजब-गजब जैसी कई खबरें की। बीट अलग होने के कारण थोड़ा चैलेंजिंग था लेकिन उस चैलेंज को पूरा करते हुए और चुनौतियों का सामना करते हुए आज एक साल से ऊपर का समय हो गया है।</p>

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